नालंदा में आम जनता की समस्याओं के तुरंत समाधान और सरकारी योजनाओं की जानकारी उन तक सुगमता से पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आने वाले 7 जुलाई और 21 जुलाई को आयोजित होने वाले ‘सहयोग शिविर अभियान’ की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है। जिलाधिकारी उदिता सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ जनसमस्याओं के निपटारे का निर्देश दिया है। ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के लक्ष्य पर जोर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य सरकार के ‘सात निश्चय 3’ के तहत “सबका सम्मान, जीवन आसान” के लक्ष्य को धरातल पर उतारना प्राथमिकता है। इसी क्रम में, सरकारी कार्यालयों में आम नागरिकों की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनने और उनके समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार, प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायतवार सहयोग शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रशासनिक तैयारी और जिम्मेदारी जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है कि वे अपने अधीनस्थ पंचायतों में वरीय पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर शिविर का स्थल चयन करें। शिविर सुबह 10 बजे से संचालित होंगे। यदि एक साथ दो या तीन पंचायतों में शिविर का आयोजन होता है, तो समय का निर्धारण कर इसकी सूचना एक महीना पहले अध्यक्ष को देना अनिवार्य होगा। साथ ही, शिविर में आने वाले आवेदनों का पंजीकृत कर ‘संवाद समाधान पोर्टल’ पर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। विधि-व्यवस्था और जन-जागरूकता शिविर के सफल संचालन के लिए अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, जिला जन-संपर्क पदाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे समाचार पत्रों और मीडिया के माध्यम से शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इन शिविरों का फायदा उठा सकें। निपटारे के लिए भी विशेष निर्देश दिए अधिकारियों को चेतावनी देते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिविर समाप्ति के बाद उन्हें संक्षिप्त रिपोर्ट सौंपना होगा, जिसमें संतोषजनक काम न करने वाले कर्मियों का विवरण भी अंकित करना होगा, ताकि उन पर उचित कार्रवाई की जा सके। राजस्व संबंधी लंबित वादों के प्रदर्शन और उनके समयबद्ध निपटारे के लिए भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। इस पूरे कार्यक्रम की जिला स्तरीय निगरानी जिला पंचायत कार्यालय की ओर से की जाएगी। जारी सूची के अनुसार, 07 जुलाई को नूरसराय, हरनौत, रहुई, सिलाव, बिहारशरीफ, अस्थावां, बेन, हिलसा, एकंगरसराय, इस्लामपुर, चंडी एवं नगरनौसा प्रखंडों की चयनित पंचायतों में शिविर लगेंगे। वहीं, 21 जुलाई को बिहारशरीफ, हरनौत, रहुई, एकंगरसराय, नूरसराय, अस्थावां, हिलसा, इस्लामपुर एवं चंडी प्रखंडों की शेष पंचायतों में शिविर का आयोजन होगा।
नालंदा में 'सहयोग शिविर' को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट:7-21 जुलाई को दूर होगी लोगों की शिकायतें; लापरवाही पर कर्मियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
नालंदा में आम जनता की समस्याओं के तुरंत समाधान और सरकारी योजनाओं की जानकारी उन तक सुगमता से पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आने वाले 7 जुलाई और 21 जुलाई को आयोजित होने वाले ‘सहयोग शिविर अभियान’ की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है। जिलाधिकारी उदिता सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ जनसमस्याओं के निपटारे का निर्देश दिया है। ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के लक्ष्य पर जोर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य सरकार के ‘सात निश्चय 3’ के तहत “सबका सम्मान, जीवन आसान” के लक्ष्य को धरातल पर उतारना प्राथमिकता है। इसी क्रम में, सरकारी कार्यालयों में आम नागरिकों की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनने और उनके समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार, प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायतवार सहयोग शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रशासनिक तैयारी और जिम्मेदारी जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है कि वे अपने अधीनस्थ पंचायतों में वरीय पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर शिविर का स्थल चयन करें। शिविर सुबह 10 बजे से संचालित होंगे। यदि एक साथ दो या तीन पंचायतों में शिविर का आयोजन होता है, तो समय का निर्धारण कर इसकी सूचना एक महीना पहले अध्यक्ष को देना अनिवार्य होगा। साथ ही, शिविर में आने वाले आवेदनों का पंजीकृत कर ‘संवाद समाधान पोर्टल’ पर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। विधि-व्यवस्था और जन-जागरूकता शिविर के सफल संचालन के लिए अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को विधि-व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, जिला जन-संपर्क पदाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे समाचार पत्रों और मीडिया के माध्यम से शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इन शिविरों का फायदा उठा सकें। निपटारे के लिए भी विशेष निर्देश दिए अधिकारियों को चेतावनी देते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिविर समाप्ति के बाद उन्हें संक्षिप्त रिपोर्ट सौंपना होगा, जिसमें संतोषजनक काम न करने वाले कर्मियों का विवरण भी अंकित करना होगा, ताकि उन पर उचित कार्रवाई की जा सके। राजस्व संबंधी लंबित वादों के प्रदर्शन और उनके समयबद्ध निपटारे के लिए भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। इस पूरे कार्यक्रम की जिला स्तरीय निगरानी जिला पंचायत कार्यालय की ओर से की जाएगी। जारी सूची के अनुसार, 07 जुलाई को नूरसराय, हरनौत, रहुई, सिलाव, बिहारशरीफ, अस्थावां, बेन, हिलसा, एकंगरसराय, इस्लामपुर, चंडी एवं नगरनौसा प्रखंडों की चयनित पंचायतों में शिविर लगेंगे। वहीं, 21 जुलाई को बिहारशरीफ, हरनौत, रहुई, एकंगरसराय, नूरसराय, अस्थावां, हिलसा, इस्लामपुर एवं चंडी प्रखंडों की शेष पंचायतों में शिविर का आयोजन होगा।

