Saturday, June 27, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

बंगालियों को पता भी है राजमा क्या होता है? मिड-डे मील से अंडा हटाने पर भड़कीं महुआ मोईत्रा

बंगालियों को पता भी है राजमा क्या होता है? मिड-डे मील से अंडा हटाने पर भड़कीं महुआ मोईत्रा

Mid Day Meal Egg Controversy: पश्चिम बंगाल के स्कूलों में मिड-डे मील (PM-POSHAN) के मेन्यू से अंडे को हटाकर पूरी तरह शाकाहारी भोजन परोसने की सुगबुगाहट पर बवाल थमता नहीं दिख रहा है. इस बवाल में अब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की फायरब्रांड सांसद महुआ मोईत्रा भी कूद गयी हैं. कृष्णनगर से लोकसभा सांसद महुआ ने कोलकाता नगर निगम (KMC) के स्कूलों में इस्कॉन (ISKCON) को मिड-डे मील की जिम्मेदारी सौंपने और अंडे की जगह राजमा व सोयाबीन शामिल करने के फैसले पर शुभेंदु अधिकारी सरकार को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने इसे बंगाल की संस्कृति और बच्चों के पोषण से खिलवाड़ बताया है.

मुझे खुद नहीं पता था- राजमा क्या होता है

महुआ मोईत्रा ने कहा कि ये लोग स्कूलों में अंडे की जगह राजमा शामिल कर रहे हैं. लेकिन असलियत यह है कि बंगाल में राजमा आमतौर पर खाया ही नहीं जाता. क्या बंगालियों को पता भी है कि राजमा क्या होता है? सच कहूं, तो मुझे खुद तब तक राजमा के बारे में नहीं पता था, जब तक मैं दिल्ली नहीं गयी थी. बंगाली बच्चों के खान-पान की अपनी अलग संस्कृति है, जिसे बदलने की कोशिश की जा रही है.

सोयाबीन और राजमा को महुआ ने बताया ‘कचरा’

महुआ मोईत्रा ने कहा कि स्कूलों में जाने वाले लगभग 40 प्रतिशत बच्चे सिर्फ इसलिए आते हैं, क्योंकि उन्हें दिन में एक बार गर्म और पौष्टिक भोजन (Nutritious Meal) मिल सके. अंडा क्लास-ए प्रोटीन है, जो बच्चों के विकास के लिए जरूरी है. सरकार का यह तर्क कि अंडे की जगह सोयाबीन और राजमा से प्रोटीन की कमी पूरी होगी, पूरी तरह से बकवास है. उन्होंने दावा किया कि स्कूलों में जब बच्चों को सोयाबीन परोसा जाता है, तो वे उसे पसंद नहीं करते.

इसे भी पढ़ें : शाकाहार थोपा जा रहा है, बंगाल इसे स्वीकार नहीं करेगा : डेरेक ओब्रायन

Mid Day Meal Egg Controversy: इस्कॉन को दे दें विधानसभा की कैंटीन, खुद खाएं राजमा-चावल

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार पर धार्मिक ध्रुवीकरण और खान-पान थोपने का आरोप लगाते हुए महुआ ने एक अनोखा सुझाव दे डाला. उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा- अगर सरकार को इस्कॉन के हाथों का ही खाना पसंद है, तो वे पश्चिम बंगाल विधानसभा की विधायक कैंटीन (MLA Canteen) को इस्कॉन के हवाले क्यों नहीं कर देते? वहां पर सभी नेता आराम से बैठकर राजमा-चावल खाएं, लेकिन गरीब स्कूली बच्चों की थाली से उनका पसंदीदा अंडा क्यों छीना जा रहा है? अगर इसके पीछे कोई सांस्कृतिक एजेंडा या शाकाहार थोपने की मंशा नहीं है, तो सरकार इसका कोई एक ठोस कारण बताये.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

शुभेंदु अधिकारी का पलटवार- बच्चों को साफ और गुणवत्तापूर्ण भोजन देना लक्ष्य

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में विपक्ष के इन आरोपों का खंडन किया है. सरकार का कहना है कि इस्कॉन को पायलट प्रोजेक्ट के तहत कुछ स्कूलों की कमान दी गयी है, ताकि बच्चों को बेहद साफ-सुथरा, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन मिल सके.

महुआ मोईत्रा को मिला रीतब्रत बनर्जी का साथ

महुआ मोईत्रा को विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी का साथ मिला है. उन्होंने महुआ के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि पीढ़ियों से बंगाली बच्चे एनिमल प्रोटीन खाते आये हैं. ऐसे में स्थानीय खाद्य संस्कृति से छेड़छाड़ करना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित होगा.

इसे भी पढ़ें

बंगाल में इस्कॉन को मिड-डे मील की जिम्मेदारी देने की तैयारी, तृणमूल नेता कुणाल घोष ने किया विरोध

मिड-डे मील में मांगा था थोड़ा चावल, शिक्षक ने कर दी पिटाई, 5वीं के छात्र का सिर फूटा

The post बंगालियों को पता भी है राजमा क्या होता है? मिड-डे मील से अंडा हटाने पर भड़कीं महुआ मोईत्रा appeared first on Prabhat Khabar.

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles