मुख्य बातें
Suvendu Adhikari: कोलकाता : ईंधन को कंटेनरों में भरा जा सकता है, लेकिन यह केवल आवश्यक मामलों में ही संभव है. अब से किसान और चाय बागान के मजदूर भी कंटेनरों में तेल भर सकेंगे. आम जनता के हित में भाजपा सरकार का यह बड़ा फैसला है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की है. कोलकाता के व्यापारियों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. एक पेट्रोल पंप व्यापारी ने कहा- सरकार जो भी फैसला लेगी, हमें उसका पालन करना होगा.

मुख्यमंत्री ने क्या लिखा
शुभेंदु ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा- हाल ही में कंटेनरों में डीजल की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, जिसके कारण हमारे मेहनती किसान भाइयों, विभिन्न अस्पतालों और आपातकालीन सेवा प्रदाताओं को अपने काम में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. पश्चिम बंगाल सरकार ने जनहित की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया है.
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सरकार के फैसले से बढ़ गयर थी परेशानी
तेल संकट के कारण कई लोगों ने पेट्रोल और डीजल का अग्रिम भंडारण शुरू कर दिया था. इसके बाद सरकार ने कंटेनरों में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. पेट्रोल या डीजल साधारण प्लास्टिक की बोतलों में नहीं दिया जाता है. इससे कुछ मामलों में समस्याएँ उत्पन्न हो रही थीं. विशेष रूप से किसानों, चाय बागान और अस्पतालों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, यही कारण है कि राज्य सरकार ने अब उनके लिए प्रतिबंधों में ढील दी है.
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