Sunday, June 28, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

नेतरहाट में पिछले साल पहुंचे एक लाख से अधिक पर्यटक, सरकार बनाएगी प्री-फैब कॉटेज रिसॉर्ट


झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थल नेतरहाट में कोरोना काल के बाद पर्यटकों की संख्या में पांच गुना तक वृद्धि हुई है। पिछले साल ही यहां एक लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे। इससे वहां आवासीय सुविधाओं की कमी होने लगी है। सर्दी के मौसम में, खासकर दिसंबर-जनवरी में यहां होटल में जगह मिलना मुश्किल हो जाता है। इसे देखते हुए सरकार ने यहां प्रभात विहार परिसर में प्री-फैब कॉटेज रिसॉर्ट बनाने का फैसला लिया है। इस पर करीब 14.95 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके लिए डीपीआर तैयार है। पर्यटन निदेशालय ने इसे पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद और युवा कार्य विभाग को भेजा है। पर्यटन निदेशालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि नेतरहाट में झारखंड पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित प्रभात विहार में 24 और पर्यटन विहार में 32 कमरे उपलब्ध हैं। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। इसी कारण प्रभात विहार परिसर में प्री-फैब कॉटेज रिसॉर्ट विकसित करने की योजना बनाई गई है। यहां अभी पर्यटक आते हैं, लेकिन रहने की अच्छी व्यवस्था न होने के कारण वे जल्दी ही लौट जाते हैं। वे ज्यादा दिन नहीं ठहरते। इसी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य नेतरहाट की आवासीय क्षमता बढ़ाना, पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। रिसॉर्ट बनने से यहां पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेगी। निदेशालय ने कहा ​है कि विभाग के पास इस प्रकार के निर्माण कार्यों के तकनीकी परीक्षण की विशेषज्ञता उपलब्ध नहीं है। इसलिए डीपीआर के तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए किसी सक्षम एजेंसी, जैसे झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम या अन्य विशेषज्ञ संस्थानों की सेवाएं ली जा सकती है। जानिए…क्या है प्री-फैब तकनीक और इसके फायदे यह रिसॉर्ट पारंपरिक ईंट-सीमेंट की बजाय प्री-फैब तकनीक से बनेगा। इसमें दीवारें और ढांचे पहले से फैक्ट्री में तैयार होते हैं और मौके पर लाकर सिर्फ असेंबल किए जाते हैं। यह तकनीक पर्यावरण के अनुकूल है और पहाड़ों व वादियों को नुकसान पहुंचाए बिना बहुत कम समय में इसे तैयार किया जा सकता है। चूंकि इसका निर्माण पहले से उपलब्ध परिसर में किया जाना है। इसलिए जमीन के अधिग्रहण की भी जरूरत नहीं होगी।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles