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कोलकाता में जनता की शिकायतों के ऑन-स्पॉट समाधान के लिए नगर निगम की बड़ी पहल ‘मुखोमुखी’

कोलकाता में जनता की शिकायतों के ऑन-स्पॉट समाधान के लिए नगर निगम की बड़ी पहल ‘मुखोमुखी’

खास बातें

KMC Mukhomukhi: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के नागरिकों को बुनियादी नागरिक सुविधाएं बेहतर ढंग से प्रदान करने और उनकी रोजमर्रा की समस्याओं का तुरंत समाधान करने के लिए कोलकाता नगर निगम (KMC) ने एक अनूठी प्रशासनिक पहल शुरू की है. इस नयी योजना को ‘मुखोमुखी’ (Mukhomukhi Initiative) नाम दिया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ ‘आमने-सामने’ होता है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य जनता और निगम प्रशासन के बीच की दूरी को कम करना और शिकायतों का ऑन-स्पॉट निपटारा करना है.

सीधे वार्ड में पहुंचेंगे अधिकारी, फाइलों के चक्कर से मिलेगी मुक्ति

‘मुखोमुखी’ कार्यक्रम के तहत कोलकाता नगर निगम के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न विभागों के इंजीनियर और मेयर-इन-काउंसिल (MMIC) के सदस्य खुद कोलकाता के अलग-अलग वार्डों का दौरा करेंगे. वे सीधे स्थानीय पार्षदों और आम नागरिकों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनेंगे. अब तक नागरिकों को पानी की किल्लत, खराब स्ट्रीट लाइट, जलजमाव या ड्रेनेज जैसी छोटी-छोटी शिकायतों के लिए निगम मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन इस योजना से अब उन्हें अपने ही इलाके में सीधा समाधान मिल सकेगा.

‘टॉक टू मेयर’ के बाद शुभेंदु प्रशासन का प्रभावी कदम

कोलकाता नगर निगम में पहले से ही टॉक टू मेयर (Talk to Mayor) जैसी लोकप्रिय फोन-इन सेवा चल रही है, जहां नागरिक सीधे फोन पर अपनी बात रखते हैं. हालांकि, प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि ‘मुखोमुखी’ पहल उससे भी एक कदम आगे है, क्योंकि इसमें अधिकारी खुद ग्राउंड जीरो पर जाकर समस्याओं का भौतिक निरीक्षण (Physical Inspection) कर सकते हैं. राज्य में सत्ता परिवर्तन और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नये प्रशासनिक सुधारों के बीच इस जन-केंद्रित कदम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने में मिलेगी मदद

इस नयी व्यवस्था से न केवल नागरिक सेवाओं में तेजी आयेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर होने वाली देरी और बिचौलियों के सिंडिकेट राज पर भी लगाम कसी जा सकेगी. अधिकारियों को हर ‘मुखोमुखी’ बैठक के बाद शिकायतों की एक रिपोर्ट तैयार करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि तय समय-सीमा के भीतर समस्याओं को दूर किया जाये. कोलकाता के नागरिकों ने निगम के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जतायी है कि इससे मानसून के दौरान होने वाली जलजमाव जैसी बड़ी समस्याओं से निपटने में काफी मदद मिलेगी.

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