प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड में हुए शराब घोटाले की जांच एक बार फिर तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने पूर्व वित्त मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रामेश्वर उरांव और उनके बेटे रोहित उरांव को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। दोनों से आज और कल ईडी के रांची स्थित जोनल कार्यालय में पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी ने इससे पहले 23 अगस्त 2023 को रांची, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा व कोलकाता में 32 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान रोहित उरांव के रांची आवास पर भी छापे पड़े थे। इसमें रोहित के घर से 30 लाख रुपए बरामद हुए थे। ईडी की छापेमारी के बाद यह बात सामने आई श्क्षी कि रोहित उरांव ने राज्य के सबसे बड़े शराब सिंडिकेट और एक कारोबारी के साथ मिलकर शराब के कारोबार में निवेश किया था। दोनों से पैसों के अवैध लेनदेन की जुड़ रही कड़ी इससे पहले एसीबी ने आबकारी नीति में हुई अनियमितता को लेकर एफआईआर (कांड संख्या 09/2025) दर्ज की थी। इसी एफआईआर (प्रिडिकेट ऑफेंस) को आधार बनाकर ईडी ने पीएमएलए के तहत नई ईसीआईआर संख्या 10/2025 दर्ज की थी। जांच एजेंसी अब इन दोनों से मनी ट्रेल (पैसों के अवैध लेनदेन) की कड़ियां जोड़ने की कोशिश करेगी। इधर, अब तक इस मामले में जो जांच चल रहा है, उसमें पता चला है कि झारखंड में नई उत्पाद नीति-2022 लागू करने के दौरान छत्तीसगढ़ की कुछ दागी और चहेती कंपनियों को राज्य में शराब सप्लाई और मैनपावर सप्लाई को काम दिया गया था। ईडी को संदेह है कि इनमें से एक कंपनी छत्तीसगढ़ की श्री ओम साई विबरेजेज प्रा. लि. को झारखंड में एंट्री दिलाने और उसे ठेका दिलाने में रोहित उरांव की भी भूमिका हो सकती है। इसलिए जांच एजेंसी इससे जुड़े वित्तीय लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान करना चाहती है। कुल 18 आरोपियों की गिरफ्तारी, सभी को मिल चुकी है जमानत इस मामले में एसीबी ने आईएएस अधिकारी विनय चौबे सहित 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लेकिन समय पर चार्जशीट दाखिल न होने से सभी को डिफॉल्ट बेल मिल गया। इनके जेल से निकलने से पहले ईडी ने पीएमएलए कोर्ट से अनुमति लेकर जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ की थी। सूत्रों के मुताबिक इनसे पू मिले सुरागों ने रोहित उरांव के खिलाफ जांच की कड़ियों को और मजबूत कर दिया। इसके बाद ही समन जारी किया गया। कथित पार्टनरशिप के बारे में रोहित से पूछे जा सकते हैं सवाल रोहित उरांव से ईडी कार्यालय में छत्तीसगढ़ की कंपनियों से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों के विवरण और एक शराब कारोबारी के साथ उनकी कथित पार्टनरशिप को लेकर पूछताछ हो सकती है। वहीं रामेश्वर उरांव से यह पूछा जाएगा कि क्या विभागीय स्तर पर नई आबकारी नीति को मंजूरी देने या छत्तीसगढ़ के सिंडिकेट को लाभ पहुंचाने में किसी भी तरह का राजनैतिक या विभागीय प्रभाव डाला गया था। घोटाले की जांच में ये गड़बड़ियां सामने आईं जांच में पता चला कि आरोपियों ने छत्तीसगढ़ मॉडल पर मनमुताबिक उत्पाद नीति बनाई। टेंडर की शर्तों में हेरफेर कर छत्तीसगढ़ की कंपनियों को झारखंड में काम दिलाया। नकली होलोग्राम पर अवैध शराब की बिक्री की गई, जिससे मोटी रकम कमीशन के रूप में वसूली गई।
झारखंड के पूर्व वित्त मंत्री और उनके बेटे से पूछताछ:ईडी ने भेजा समन, शराब घोटाला मामले में बुलाया, 3 साल पहले पड़ा था छापा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड में हुए शराब घोटाले की जांच एक बार फिर तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने पूर्व वित्त मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रामेश्वर उरांव और उनके बेटे रोहित उरांव को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। दोनों से आज और कल ईडी के रांची स्थित जोनल कार्यालय में पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी ने इससे पहले 23 अगस्त 2023 को रांची, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा व कोलकाता में 32 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान रोहित उरांव के रांची आवास पर भी छापे पड़े थे। इसमें रोहित के घर से 30 लाख रुपए बरामद हुए थे। ईडी की छापेमारी के बाद यह बात सामने आई श्क्षी कि रोहित उरांव ने राज्य के सबसे बड़े शराब सिंडिकेट और एक कारोबारी के साथ मिलकर शराब के कारोबार में निवेश किया था। दोनों से पैसों के अवैध लेनदेन की जुड़ रही कड़ी इससे पहले एसीबी ने आबकारी नीति में हुई अनियमितता को लेकर एफआईआर (कांड संख्या 09/2025) दर्ज की थी। इसी एफआईआर (प्रिडिकेट ऑफेंस) को आधार बनाकर ईडी ने पीएमएलए के तहत नई ईसीआईआर संख्या 10/2025 दर्ज की थी। जांच एजेंसी अब इन दोनों से मनी ट्रेल (पैसों के अवैध लेनदेन) की कड़ियां जोड़ने की कोशिश करेगी। इधर, अब तक इस मामले में जो जांच चल रहा है, उसमें पता चला है कि झारखंड में नई उत्पाद नीति-2022 लागू करने के दौरान छत्तीसगढ़ की कुछ दागी और चहेती कंपनियों को राज्य में शराब सप्लाई और मैनपावर सप्लाई को काम दिया गया था। ईडी को संदेह है कि इनमें से एक कंपनी छत्तीसगढ़ की श्री ओम साई विबरेजेज प्रा. लि. को झारखंड में एंट्री दिलाने और उसे ठेका दिलाने में रोहित उरांव की भी भूमिका हो सकती है। इसलिए जांच एजेंसी इससे जुड़े वित्तीय लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान करना चाहती है। कुल 18 आरोपियों की गिरफ्तारी, सभी को मिल चुकी है जमानत इस मामले में एसीबी ने आईएएस अधिकारी विनय चौबे सहित 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लेकिन समय पर चार्जशीट दाखिल न होने से सभी को डिफॉल्ट बेल मिल गया। इनके जेल से निकलने से पहले ईडी ने पीएमएलए कोर्ट से अनुमति लेकर जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ की थी। सूत्रों के मुताबिक इनसे पू मिले सुरागों ने रोहित उरांव के खिलाफ जांच की कड़ियों को और मजबूत कर दिया। इसके बाद ही समन जारी किया गया। कथित पार्टनरशिप के बारे में रोहित से पूछे जा सकते हैं सवाल रोहित उरांव से ईडी कार्यालय में छत्तीसगढ़ की कंपनियों से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों के विवरण और एक शराब कारोबारी के साथ उनकी कथित पार्टनरशिप को लेकर पूछताछ हो सकती है। वहीं रामेश्वर उरांव से यह पूछा जाएगा कि क्या विभागीय स्तर पर नई आबकारी नीति को मंजूरी देने या छत्तीसगढ़ के सिंडिकेट को लाभ पहुंचाने में किसी भी तरह का राजनैतिक या विभागीय प्रभाव डाला गया था। घोटाले की जांच में ये गड़बड़ियां सामने आईं जांच में पता चला कि आरोपियों ने छत्तीसगढ़ मॉडल पर मनमुताबिक उत्पाद नीति बनाई। टेंडर की शर्तों में हेरफेर कर छत्तीसगढ़ की कंपनियों को झारखंड में काम दिलाया। नकली होलोग्राम पर अवैध शराब की बिक्री की गई, जिससे मोटी रकम कमीशन के रूप में वसूली गई।

