कटिहार के आजमनगर प्रखंड स्थित केलाबारी पंचायत के बागछल्ला मैदान में बीती रात एक भव्य लाठी खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। हसनेन मोहर्रम कमेटी द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में बिहार और बंगाल से कुल 12 टीमों ने हिस्सा लिया। देर रात तक चली इस प्रतियोगिता में खोजिया गांव की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। खिलाड़ियों ने पारंपरिक लाठी कला के अद्भुत करतब दिखाए। आग के गोले के बीच लाठी घुमाना, आंखों पर पट्टी बांधकर वार रोकना और टीम के सामंजस्यपूर्ण दांव-पेंच देखकर हजारों दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। मैदान में मौजूद लोगों ने जमकर तालियां बजाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। कैश राशि और एक अलमीरा देकर सम्मानित किया प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार अबू बक्कर के नेतृत्व वाली खोजिया गांव की टीम ने जीता। विजेता टीम को 20 हजार रुपये कैश राशि और एक अलमीरा देकर सम्मानित किया गया। टीम के खिलाड़ियों ने अपनी तेज गति और सटीक वार से निर्णायकों को प्रभावित किया। मोहम्मद मुख्तार के नेतृत्व में सालमारी टोला गांव की टीम ने द्वितीय पुरस्कार हासिल किया, जिसमें उन्हें 15 हजार रुपये नकद और एक अलमीरा दिया गया। तृतीय पुरस्कार मैनुल हक के नेतृत्व वाली इमामनगर गांव की टीम को मिला, जिन्हें 10 हजार रुपये नकद राशि और एक अलमीरा प्रदान किया गया। आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हसनेन मोहर्रम कमेटी के सदस्यों ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर राजद नेत्री इशरत परवीन, मोफीजुद्दीन अंसारी, अब्दुल मतीन, अख्तर नसीम, मकसूद आलम, छोटू अंसारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कमेटी ने बताया कि मोहर्रम के अवसर पर आपसी भाईचारा और पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतियोगिता प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। आयोजकों ने बताया कि लाठी खेल हमारी संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर खेल और कला गतिविधियों से जोड़ना है। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
खोजिया टीम ने जीती लाठी खेल कॉम्पटीशन:बिहार-बंगाल की 12 टीमों ने लिया हिस्सा, 20 हजार कैश और अलमारी इनाम
कटिहार के आजमनगर प्रखंड स्थित केलाबारी पंचायत के बागछल्ला मैदान में बीती रात एक भव्य लाठी खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। हसनेन मोहर्रम कमेटी द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में बिहार और बंगाल से कुल 12 टीमों ने हिस्सा लिया। देर रात तक चली इस प्रतियोगिता में खोजिया गांव की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। खिलाड़ियों ने पारंपरिक लाठी कला के अद्भुत करतब दिखाए। आग के गोले के बीच लाठी घुमाना, आंखों पर पट्टी बांधकर वार रोकना और टीम के सामंजस्यपूर्ण दांव-पेंच देखकर हजारों दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। मैदान में मौजूद लोगों ने जमकर तालियां बजाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। कैश राशि और एक अलमीरा देकर सम्मानित किया प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार अबू बक्कर के नेतृत्व वाली खोजिया गांव की टीम ने जीता। विजेता टीम को 20 हजार रुपये कैश राशि और एक अलमीरा देकर सम्मानित किया गया। टीम के खिलाड़ियों ने अपनी तेज गति और सटीक वार से निर्णायकों को प्रभावित किया। मोहम्मद मुख्तार के नेतृत्व में सालमारी टोला गांव की टीम ने द्वितीय पुरस्कार हासिल किया, जिसमें उन्हें 15 हजार रुपये नकद और एक अलमीरा दिया गया। तृतीय पुरस्कार मैनुल हक के नेतृत्व वाली इमामनगर गांव की टीम को मिला, जिन्हें 10 हजार रुपये नकद राशि और एक अलमीरा प्रदान किया गया। आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हसनेन मोहर्रम कमेटी के सदस्यों ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर राजद नेत्री इशरत परवीन, मोफीजुद्दीन अंसारी, अब्दुल मतीन, अख्तर नसीम, मकसूद आलम, छोटू अंसारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कमेटी ने बताया कि मोहर्रम के अवसर पर आपसी भाईचारा और पारंपरिक कला को बढ़ावा देने के लिए यह प्रतियोगिता प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। आयोजकों ने बताया कि लाठी खेल हमारी संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर खेल और कला गतिविधियों से जोड़ना है। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

