मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने कुलपति प्रो. बीएस झा का पुतला दहन किया।
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यह प्रदर्शन लगभग सात महीने बाद ऑनलाइन सिंडिकेट बैठक बुलाए जाने के विरोध में किया गया। परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर नियमों की अनदेखी, छात्र-शिक्षक हितों की उपेक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की अवहेलना का आरोप लगाया है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एबीवीपी के नवनियुक्त विभाग संयोजक नवनीत सम्राट ने बताया कि विश्वविद्यालय अधिनियम के अनुसार सिंडिकेट की बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जानी चाहिए, लेकिन वर्तमान कुलपति ने इसका पालन नहीं किया।

अनियमितताओं पर पर्दा डालने का प्रयास किया उन्होंने आरोप लगाया कि राजभवन के दबाव में अवकाश के दिन जल्दबाजी में ऑनलाइन बैठक बुलाकर पूर्व की अनियमितताओं पर पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है।
नवनीत सम्राट ने कुलपति पर नियमों की अनदेखी कर शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कुलपति को पद से हटाने, उनके कार्यकाल में छात्रों और शिक्षकों पर की गई कार्रवाई वापस लेने और पूरे कार्यकाल के दौरान हुए वित्तीय लेनदेन की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
एबीवीपी के नगर मंत्री अंकित कुमार आनंद ने कहा कि हाल के दिनों में शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले छात्र नेताओं पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रहित में आवाज उठाने वाले परिषद से जुड़े शिक्षकों का भी दंडात्मक स्थानांतरण किया गया।
स्थानांतरण आदेश निरस्त करने की मांग की आनंद ने सिंडिकेट बैठक में शोधार्थियों और विद्यार्थियों का निलंबन रद्द करने, दर्ज मुकदमे वापस लेने और शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश निरस्त करने की मांग की।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने यूएमआईएस और अन्य मामलों में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग उठाई।
इस प्रदर्शन में नगर सह मंत्री अंशु कुमार, अभिषेक आनंद, सूरज कुमार, अंकित कुमार, सोनू कुमार, राजू सोनी, दीपक कुमार, सत्यम कुमार, सुशांत कुमार सहित बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता मौजूद रहे।


