शेखपुरा में आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं होने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। मानसून की बेरुखी के कारण तापमान में भी वृद्धि देखी जा रही है, जिससे किसान सूखे की आशंका से चिंतित हैं। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे राज्य में सर्वाधिक रहा। न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, इस दौरान मौसम सुहावना होने से लोगों को पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली। शेखपुरा राज्य का सर्वाधिक गर्म स्थान पिछले दिनों जिले का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। पिछले 48 घंटों में आसपास के जिलों में हुई बारिश के असर से तापमान में कुछ कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद शेखपुरा राज्य का सर्वाधिक गर्म स्थान बना हुआ है। पूरा जिला कई दिनों से भीषण गर्मी से जूझ रहा है। बारिश के अभाव में ‘आद्रा’ जैसे महत्वपूर्ण नक्षत्र में भी खेतों में धूल उड़ रही है। बहुत कम किसान अपने नलकूपों के माध्यम से धान का बिचड़ा गिराने में लगे हुए हैं। मकई, अरहर और विभिन्न प्रकार की सब्जियों की बुवाई का काम भी ठप हो गया है। पशुपालकों ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण दुधारू पशुओं के दूध उत्पादन में कमी आई है, जिससे उन्हें आर्थिक हानि हो रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के कारण जिले में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियों की भविष्यवाणी की है।
शेखपुरा बना बिहार का सबसे गर्म जिला:38.1°C तापमान दर्ज, बारिश नहीं होने से खेती पर संकट, किसानों में सूखे की चिंता
शेखपुरा में आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं होने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। मानसून की बेरुखी के कारण तापमान में भी वृद्धि देखी जा रही है, जिससे किसान सूखे की आशंका से चिंतित हैं। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे राज्य में सर्वाधिक रहा। न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, इस दौरान मौसम सुहावना होने से लोगों को पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली। शेखपुरा राज्य का सर्वाधिक गर्म स्थान पिछले दिनों जिले का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। पिछले 48 घंटों में आसपास के जिलों में हुई बारिश के असर से तापमान में कुछ कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद शेखपुरा राज्य का सर्वाधिक गर्म स्थान बना हुआ है। पूरा जिला कई दिनों से भीषण गर्मी से जूझ रहा है। बारिश के अभाव में ‘आद्रा’ जैसे महत्वपूर्ण नक्षत्र में भी खेतों में धूल उड़ रही है। बहुत कम किसान अपने नलकूपों के माध्यम से धान का बिचड़ा गिराने में लगे हुए हैं। मकई, अरहर और विभिन्न प्रकार की सब्जियों की बुवाई का काम भी ठप हो गया है। पशुपालकों ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण दुधारू पशुओं के दूध उत्पादन में कमी आई है, जिससे उन्हें आर्थिक हानि हो रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के कारण जिले में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियों की भविष्यवाणी की है।


