पूर्णिया सेंट्रल जेल के भीतर बने विशेष डिटेंशन सेंटर से एक सजायाफ्ता बांग्लादेशी नागरिक आज खिड़की तोड़कर फरार हो गया। केहाट थाना में इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है, और पुलिस की कई टीमें फरार विदेशी नागरिक की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। SSP शौर्य सुमन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि ”बांग्लादेशी नागरिक के फरार होने की सूचना मिली है। इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही, जिला पदाधिकारी (डीएम) के स्तर से मामले की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त और उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को फरार बांग्लादेशी नागरिक का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज मिल चुका है, और उसे जल्द से जल्द ढूंढने के प्रयास लगातार जारी हैं।” सुरक्षा में इस बड़ी सेंधमारी का खुलासा तब हुआ जब जेल प्रशासन की ओर से नियमित बंदी गणना (Prisoner Count) की जा रही थी। गिनती के दौरान एक बंदी कम पाया गया।
फरार बंदी की पहचान मो. मन्ना, निवासी- रूपगंज थाना क्षेत्र, नारायणगंज जिला (बांग्लादेश) के रूप में हुई है । शुरुआती जांच के मुताबिक, मन्ना ने डिटेंशन सेंटर के वार्ड की खिड़की को कटर या भारी वस्तु से तोड़ा और फरार हो गया। जेल अधीक्षक ने दर्ज कराई प्राथमिकी सेंट्रल जेल के जेल अधीक्षक मनोज कुमार के निर्देश पर केहाट थाना में तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी आखिरी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। बता दें कि पूर्णिया सेंट्रल जेल बिहार की ‘हाई-सिक्योरिटी’ जेलों की सूची में शुमार है, जहां वर्तमान में करीब 1,900 बंदी बंद हैं। इनमें कई अंतरराज्यीय कुख्यात अपराधी और आतंकी भी शामिल हैं। ऐसे संवेदनशील परिसर से एक विदेशी नागरिक फरार हो गया है। जेल अधीक्षक की प्रारंभिक जांच में ड्यूटी पर तैनात तीन गृहरक्षकों (Home Guards) की भारी लापरवाही सामने आई है, जिनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। प्रशासन की ओर से गठित कमेटी अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि इस फरारी के पीछे जेल के अंदर या बाहर के किसी अन्य व्यक्ति की मिलीभगत तो नहीं थी।

