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कोसी क्षेत्र के थानों में पुलिस पदाधिकारियों का दलाल के माध्यम से केस के अनुसंधान के नाम पर अवैध वसूली के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। DIG कुमार आशीष ने सलखुआ थाने का औचक निरीक्षण किया, जांच में यह भी सामने आया है कि इस रैकेट की आड़ में दलाल पुलिस अधिकारियों से साठगांठ कर मादक नदार्थों की तस्करी का सिंडिकेट भी चला रहा था। इस कार्रवाई के बाद तीन जिलों के थानाध्यक्ष समेत 11 पुलिस कर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। जांच में ये भी सामने आया कि दलाल सतीश कई थानों की पुलिस की डायरी लिखता था। वह पुलिस की मिलीभगत से अपने भाई चंद्रकिशोर रजक से मादक पदार्थों की तस्करी कराता था। सिलसिलेवार तरीके से जानिए कैसे पुलिस की मिलीभगत से चल रहा था पूरा सिंडिकेट… वायरल वीडियो के बाद शुरू हुई जांच बीते दिनों सहरसा के सलखुआ थाना से दलाल सतीश का एक वीडियो वायरल हुआ था। DGP ने इसे गंभीरता से लिया और DIG कुमार आशीष को खुद जांच करने के लिए कहा। गुरुवार(2 जुलाई) को जब डीआईजी सलखुआ थाना के निरीक्षण के लिए जा रहे थे तभी गोसपुर मंदिर के पास बहुअरबा निवासी दलाल सतीश कुमार की गतिविधि संदिग्ध लगी। उसकी बाइक को पुलिस ने जब तलाशी ली तो पूरा मामला खुल गया। दलाल के पास मिली कई थानों की फाइल्स सतीश के बैग से लैपटॉप के साथ पिपरा, सलखुआ और नवहट्टा थाना की मूल केस डायरी बरामद हुई। जांच के दौरान थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और दलाल सतीश कुमार के बीच मोबाइल फोन के जरिए लगातार संपर्क में रहने के पुख्ता सबूत मिले। इसके बाद पूरे सिंडिकेट का खुलासा करने के लिए डीआईजी ने सिमरी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुकेश ठाकुर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया। इसके बाद और पुलिस अधिकारी घेरे में आए। टीम ने कार्रवाई करते हुए कथित दलाल सतीश कुमार को हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ सलखुआ थाना में कांड संख्या 0-107/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। तीन जिलों के थानेदार समेत 11 पुलिसकर्मी पर कार्रवाई इस भ्रष्टाचार और दलाली के नेटवर्क में संलिप्तता पाए जाने के बाद तीन जिले सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के 11 पुलिस वालों को सस्पेंड किया है। सभी को लाइन हाजिर किया गया है। इनको गोपनीय सरकारी दस्तावेजों को दलाल के माध्यम से सार्वजनिक करने और धन उगाही के आरोप में विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ेगा। SHO-महिला SI की मदद से चल रहा था रैकेटः DIG डीआईजी ने कहा कि आरोपी सतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ शुक्रवार को सलखुआ थाना में केस दर्ज किया गया है। उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस रैकेट में शामिल सभी 11 दोषी आईओ को सस्पेंड कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन्हें कठोरतम सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
शहर से सटे सुलिंदाबाद में भी छापेमारी
शुक्रवार की की देर शाम इसी मामले में डीआईजी के निर्देश पर साइबर डीएसपी कल्याण आनंद ने शहर से सटे सुलिंदाबाद में छापेमारी की। जहां कई सालों से एक घर में पुलिस की डायरी लिखवाने का काम चल रहा था। वहां से भी तीनों जिलों के कई पुलिस पदाधिकारियों और अनुसंधानकर्ताओं की फाइलें मिली हैं। पुलिस वहां और जांच कर रही है। अन्य जगह भी छापेमारी चल रही है। दलालों की सूचना देने की अपील कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक ने आम जनता और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी थाना परिसर या कार्यालय में बाहरी बिचौलियों या अवैध व्यक्तियों द्वारा पैरवी या दलाली की सूचना मिलती है, तो तुरंत वरीय पुलिस अधिकारियों को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

