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लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक सड़क हादसे में कर्नाटक निवासी ट्रेलर चालक जसवंत नायक (40) की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना महुआडांड़-चंपा मुख्य मार्ग स्थित चंपा घाटी में हुई। ट्रेलर के खलासी और जसवंत के सगे भाई लवकेश नायक (35) गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, दोनों भाई कर्नाटक से ओटीएस कंपनी का सामान लदा ट्रेलर लेकर महुआडांड़ होते हुए पटना जा रहे थे। चंपा घाटी के समीप चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे ट्रेलर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि चालक जसवंत नायक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, अंबवाटोली की मुखिया रोशनी कुजूर और अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचित किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस करीब एक घंटे की देरी से पहुंची, जिससे घायल को समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी। इस बीच, थाना प्रभारी मनोज कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने एंबुलेंस का इंतजार किए बिना घायल लवकेश नायक को अपनी सरकारी गाड़ी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, महुआडांड़ पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू कराया गया। इस घटना के बाद सड़क की बनावट पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। दुर्घटना क्षेत्र के रूप में बन चुकी है चंपा घाटी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि चंपा घाटी लंबे समय से दुर्घटना क्षेत्र के रूप में बनी हुई है। इस मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहनों के साथ पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि घाटी की डिजाइन और सड़क की तकनीकी खामियां लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, आरसीडी विभाग के तत्कालीन सहायक अभियंता विजय बाखला भी पहले स्वीकार कर चुके हैं कि इस घाटी में आवश्यक कटाव और तकनीकी सुधार की जरूरत है। उनका कहना था कि घाटी का अलाइनमेंट दोषपूर्ण होने के कारण वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इस ताजा हादसे के बाद एक बार फिर चंपा घाटी की सुरक्षा व्यवस्था और सड़क की तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग तेज हो गई है।

