Sunday, July 5, 2026

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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हजारीबाग की भूमिका पर सेमिनार आयोजित


बड़कागांव| कर्णपुरा महाविद्यालय बड़कागांव के सभागार भवन में इतिहास विभाग द्वारा सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हजारीबाग की भूमिका था। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर ज्योति जलधार ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हजारीबाग के आदिवासियों ने अद्वितीय और साहसी भूमिका निभाई। उनकी लड़ाई केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं थी। यह जल, जंगल, जमीन और अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए विदेशी सत्ता व शोषण के खिलाफ निरंतर विद्रोह थी। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. कीर्ति नाथ महतो ने की। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में, विशेषकर 1857 के विद्रोह और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान, हजारीबाग ने अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यहां के निवासियों और स्थानीय नेताओं ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ बढ़-चढ़कर संघर्ष किया। 1942 के आंदोलन में आनंदित साहू का नेतृत्व रहा। संचालन इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुरेश महतो ने किया। उन्होंने कहा कि बड़कू मांझी बड़कागांव के अंबा टोला के स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। सरस्वती देवी के नेतृत्व में 26 जनवरी 1930 को यहां तिरंगा फहराया गया था। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ललिता कुमारी ने किया। सभा समाप्ति की घोषणा भी की। उपस्थित शिक्षक डॉ. निरंजन प्रसाद नीरज, प्रोफेसर फजरूद्दीन, प्रोफेसर नरेश कुमार दांगी, प्रोफेसर लालदेव महतो आदि मौजूद थे। बड़कागांव | सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद साहब के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को जुमा नमाज के बाद प्रखंड अंतर्गत ग्राम बादम में जामा मस्जिद के बाहर आक्रोशित मुस्लिम युवकों ने नाजिया इलाही खान का पुतला दहन किया। विरोध में नारे लगाए। इस दौरान युवाओं ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब के संबंध में की गई टिप्पणी से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म, महापुरुष या धार्मिक प्रतीकों के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल सामाजिक सौहार्द के लिए नुकसानदायक है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। युवाओं ने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द नाजिया इलाही खान को गिरफ्तार किया जाए। वहीं छवनिया मस्जिद के बाहर भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। हजारीबाग | राज्य के प्रमुख शैक्षणिक केंद्र के रूप में पहचान बना चुके हजारीबाग में एक नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग ने जोर पकड़ लिया है। झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के प्रदेश अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता ने इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। अपने पत्र में मेहता ने हजारीबाग के बढ़ते शैक्षणिक महत्व की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यह शहर उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल का प्रमुख केंद्र है। यहाँ हर वर्ष हजारों छात्र शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से आते हैं। लगातार बढ़ती जनसंख्या और विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए यहाँ एक केंद्रीय विद्यालय की स्थापना अत्यंत आवश्यक हो गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मध्यमवर्गीय, नौकरीपेशा तथा ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती सीबीएसई शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से इन छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकेंगे। उनके भविष्य को नई दिशा मिलेगी। मेहता ने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार इस जनहित की मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी। इससे हजारीबाग सहित आसपास के क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

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