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समाहरणालय सुपौल स्थित लहटन चौधरी सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय साप्ताहिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित हुई। बैठक में सभी जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया। जिले से बाहर तैनात पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक में न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों, दाखिल-खारिज, जिला जनता दरबार, जन संवाद कार्यक्रम और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचे और लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। बैठक के दौरान सहयोग पोर्टल पर प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पोर्टल पर आने वाले सभी आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। विभागों के कार्यों की प्रगति पर चर्चा समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई और अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। बैठक में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) मो. तारिक, अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी विकास कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सतीश कुमार, जिला नजारत उप समाहर्ता विकास कुमार कर्ण, वरीय उप समाहर्ता पुष्पा कुमारी, विशेष कार्य पदाधिकारी अमित कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित और पारदर्शी निष्पादन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।

