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देवघर स्थित रिमांड होम में 17 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया है और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जानकारी के अनुसार, किशोरी को वर्ष 2024 में प्रेम प्रसंग से जुड़े एक मामले में महागामा स्थित अपने मामा के घर से देवघर रिमांड होम भेजा गया था। तब से वह प्रशासनिक निगरानी में रह रही थी। बताया जा रहा है कि किशोरी ने रिमांड होम परिसर के अंदर ही कथित तौर पर फांसी लगा ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों ने रिमांड होम के कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मृतका के पिता ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। उन्होंने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जब उनकी बेटी प्रशासन की देखरेख में थी, तो उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी भी प्रशासन की थी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी। इस घटना ने प्रशासनिक लापरवाही पर बहस छेड़ दी है।
देवघर रिमांड होम में किशोरी की मौत:फांसी के फंदे से लटकी मिली लाश, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया
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