
कोलकाता से भारती जनानी
Bengal News : पुरुलिया के एक स्कूल में छात्रा के ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. आरोप है कि एक छात्रा के तुलसी की माला पहनने और माथे पर तिलक लगाने पर स्कूल प्रबंधन ने आपत्ति जतायी और बाद में उसे टीसी भेज दिया गया. हालांकि, स्कूल प्रबंधन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि छात्रा को अब तक टीसी जारी नहीं किया गया है और तुलसी की माला पहनने को लेकर कोई आपत्ति नहीं है.
परिवार का स्कूल प्रबंधन पर आरोप
यह घटना पारा पुलिस थाना क्षेत्र के एक स्कूल की बतायी जा रही है. छात्रा 11वीं में पढ़ती है. परिवार का आरोप है कि छात्रा नियमित रूप से तुलसी की माला पहनकर और माथे पर तिलक लगाकर स्कूल जाती थी, जिस पर स्कूल अधिकारियों ने आपत्ति जतायी. आरोप है कि इस मामले को लेकर छात्रा के परिवार को स्कूल बुलाया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. परिवार का कहना है कि यह छात्रा की धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप है.
शिक्षिका ने दी थी माला नहीं पहनने की सलाह
परिवार का दावा है कि इसके एक दिन बाद छात्रा का ट्रांसफर सर्टिफिकेट व्हाट्सऐप के माध्यम से भेज दिया गया. छात्रा के परिवार ने इसे जबरन स्कूल से हटाने की कार्रवाई बताते हुए पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी है. छात्रा की मां का आरोप है कि एक शिक्षिका बार-बार उसकी बेटी के गले में तुलसी की माला और माथे के तिलक को लेकर आपत्ति जता रही थीं और माला नहीं पहनने की सलाह दे रही थीं.
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स्कूल प्रबंधन ने बताया अनुशासनहीनता का मामला
स्कूल प्रबंधन ने इन आरोपों को गलत बताया है. स्कूल प्रबंधन ने यह भी कहा कि किसी विशेष छात्र पर कोई रोक नहीं लगायी गयी है. जिस तरह विद्यालय में नियमित प्रार्थना और अनुशासन संबंधी नियमों का पालन कराया जाता है, उसी तरह सभी विद्यार्थियों को स्कूल के अनुशासन का पालन करने के लिए कहा गया है. फिलहाल, छात्रा के परिवार की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है.


