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बोकारो पुलिस ने संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी शाखा के सहयोग से छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान चास के पटेनगर निवासी रोहित कुमार दास और अंबेडकरपुरी निवासी अर्जुन कुमार दास के रूप में हुई है। इन पर बैंक अधिकारी और क्रेडिट कार्ड कर्मचारी बनकर लोगों से ठगी करने का आरोप है। मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 7 जुलाई को विशेष अभियान चलाया गया था। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने साइबर ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर ठगी का प्रयास करते थे जांच में सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर संगठित तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। वे खुद को बैंककर्मी या क्रेडिट कार्ड अधिकारी बताकर फोन करते थे। इसके बाद विभिन्न बहानों से लोगों से गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर ठगी का प्रयास करते थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने साइबर अपराध में प्रयुक्त चार मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड, दो बैंक पासबुक और 9,400 रुपए नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा, संभावित पीड़ितों से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मोबाइल नंबरों की एक सूची भी मिली है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही जांच के दौरान यह भी पता चला है कि इस गिरोह के कुछ अन्य सदस्य अभी भी सक्रिय हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस संबंध में साइबर अपराध थाना, बोकारो में कांड संख्या 23/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111, 318, 319, 338 और 340 के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) एवं 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

