Thursday, July 9, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

पश्चिम बंगाल में 2030 तक बंद होगा पारंपरिक B.Ed कोर्स

पश्चिम बंगाल में 2030 तक बंद होगा पारंपरिक B.Ed कोर्स

कोलकाता से भारती जनानी की रिपोर्ट

Integrated B.Ed course : राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी) 2020 के प्रावधानों के अनुरूप अब पश्चिम बंगाल में भी ग्रेजुएशन के साथ इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स शुरू होने जा रहा है. देश के अन्य हिस्सों में यह व्यवस्था पहले ही लागू हो चुकी है, लेकिन राज्य की पूर्ववर्ती सरकार द्वारा इस शिक्षा नीति को न अपनाए जाने के कारण इसे अब तक शुरू नहीं किया जा सका था. राज्य में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद वर्तमान सरकार ने इस नीति को हरी झंडी दे दी है. इसके बाद बाबासाहेब अंबेडकर एजुकेशन यूनिवर्सिटी अगले शैक्षणिक सत्र से ‘इंटीग्रेटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम’ (आइटीइपी) की शुरुआत करने जा रही है.

चार साल में पूरी होगी पढ़ाई

इस नये प्रोग्राम के तहत छात्र 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सीधे इस इंटीग्रेटेड कोर्स में दाखिला ले सकेंगे, जहां उन्हें चार साल में ग्रेजुएशन और बीएड की डिग्री एक साथ मिल जायेगी. इससे न केवल छात्रों के एक वर्ष के समय की बचत होगी, बल्कि वे स्कूलों में शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के लिए तुरंत पात्र (एलिजिबल) माने जायेंगे. इसके साथ ही उनके लिए उच्च शिक्षा के रास्ते भी खुले रहेंगे. वर्तमान शिक्षा नीति के तहत ग्रेजुएशन में एग्जिट विकल्प (सर्टिफिकेट, डिप्लोमा आदि) मिलते हैं, लेकिन इंटीग्रेटेड बीएड के मामले में छात्रों को पूरे चार साल की पढ़ाई अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी.

एनइपी को हूबहू लागू करने का एलान

राज्य में नयी सरकार के गठन के बाद उच्च शिक्षा मंत्री का पद संभालने वाले जगन्नाथ चटर्जी ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को राज्य में हूबहू लागू किया जायेगा. इस संबंध में यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर अरुणाशीष गोस्वामी ने बताया कि अगले सत्र से कोर्स शुरू करने के लिए जल्द ही संबद्ध कॉलेजों के साथ बुनियादी ढांचे को लेकर आवश्यक बैठकें की जायेंगी. इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग की अंतिम अनुमति से इसे धरातल पर उतारा जायेगा. इस कोर्स के तहत छात्र अपनी पसंद के अनुसार बीए-बीएड, बीएससी-बीएड या बीकॉम-बीएड में दाखिला ले सकेंगे.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पारंपरिक बीएड कोर्स की विदाई

वाइस-चांसलर ने एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में चल रहा दो वर्षीय पारंपरिक बीएड कोर्स केवल वर्ष 2030 तक ही वैध रहेगा. उसके बाद अलग से दो साल का बीएड कोर्स पूरी तरह बंद कर दिया जायेगा और केवल चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स ही मान्य होगा. गौरतलब है कि पहले यह कोर्स महज एक वर्ष का होता था, जिसे वर्ष 2015-16 में बढ़ाकर दो वर्ष किया गया था. यूनिवर्सिटी सूत्रों के मुताबिक, राज्य में वर्तमान में 600 से अधिक बीएड कॉलेज हैं, जिनमें से 27 सरकारी और बाकी सभी निजी संस्थान हैं. नये कोर्स को सुचारू रूप से चलाने के लिए कॉलेजों में आवश्यक फैकल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विशेष ध्यान दिया जायेगा.

Also Read: बंगाल में तेज विकास चाहती है भाजपा, विशेष आर्थिक पैकेज देने से फिलहाल बच रहा केंद्र

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles