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मधुबनी नगर निगम कार्यालय में गुरुवार दोपहर 2 बजे मेयर अरुण राय की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने, कचरा प्रबंधन को आधुनिक स्वरूप देने और बरसात में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में मुख्य रूप से तीन एजेंडों पर चर्चा हुई, जिनमें पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि, एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर की स्थापना और शहरी क्षेत्र में जल निकासी के लिए नए मोटर पंपों की खरीद शामिल थी। मेयर अरुण राय ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 2 करोड़ 33 लाख 60 हजार रुपये की लागत से एक एमआरएफ सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र पर घर-घर से संग्रहित कचरे की वैज्ञानिक तरीके से छंटनी की जाएगी। हरे और जैविक कचरे से खाद तैयार की जाएगी, जबकि अन्य उपयोगी सामग्री का पुनर्चक्रण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से शहर में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और नगर निगम की आय में भी वृद्धि होगी। मेयर ने यह भी बताया कि एमआरएफ सेंटर में तैयार होने वाली जैविक खाद किसानों के लिए लाभकारी होगी, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा। बरसात के मौसम में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 10 हॉर्स पावर (एचपी) क्षमता के दो और 5 एचपी क्षमता के पांच नए मोटर पंप खरीदे जाएंगे। इन पंपों की मदद से जलजमाव वाले विभिन्न क्षेत्रों से तेजी से पानी निकाला जा सकेगा, जिससे नागरिकों को राहत मिलेगी। मेयर अरुण राय ने नगरवासियों से शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने और प्रतिबंधित पॉलीथिन का उपयोग पूरी तरह बंद करने का आग्रह किया। मेयर ने जोर दिया कि नगर निगम स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल मधुबनी के निर्माण के लिए लगातार प्रयासरत है, जिसमें नागरिकों की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।

