Friday, July 10, 2026

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औरंगाबाद में अपराध नियंत्रण को लेकर एसपी सख्त:थानाध्यक्षों को दिए निर्देश, कहा- सूचना मिलने पर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे


औरंगाबाद पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निपटारे और विधि-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस कार्यालय सभागार में अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले के सभी एसडीपीओ, डीएसपी, सीआई, थानाध्यक्ष और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी शामिल हुए। बैठक में जिले की वर्तमान अपराध स्थिति की समीक्षा करते हुए अपराध की रोकथाम, कांडों के खुलासे और आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। गश्ती और अपराधियों पर कार्रवाई के निर्देश पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को विजिबल पुलिसिंग की रणनीति अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एसडीपीओ, सीआई, थानाध्यक्ष और अन्य अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहें, ताकि आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और अपराधियों में कानून का भय बना रहे। गश्ती के दौरान फरार बदमाश, वारंटियों और बदमाश के खिलाफ नियमित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सभी थानाध्यक्षों को बैंक, एटीएम और सीएसपी केंद्रों के आसपास नियमित गश्ति करने, रात्रि में संदिग्ध व्यक्तियों की जांच करने और किसी भी घटना की सूचना मिलते ही तत्काल नियंत्रण कक्ष को सूचित कर घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया गया। एफआईआर, जांच और वारंट निपटारे पर सख्ती बैठक में पुलिस अधीक्षक ने फरियादियों की शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। सभी थानाध्यक्षों को बयान मिलने के 24 घंटे के भीतर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया। साथ ही एफआईआर दर्ज होने के 30 मिनट के भीतर जांच कर्ता को घटनास्थल का निरीक्षण शुरू करने और सात दिनों के भीतर पर्यवेक्षी पदाधिकारी की ओर से मामले का पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए गए। सभी लंबित जमानतीय एवं गैर-जमानतीय वारंट, कुर्की और इश्तेहार का एक सप्ताह के भीतर निष्पादन करने का आदेश दिया गया। गुंडा पंजी और डोजियर का सत्यापन कर जीवित और मृत अपराधियों का रिकॉर्ड अद्यतन करने के निर्देश भी दिए गए। हत्या, लूट, डकैती, पॉक्सो और अन्य गंभीर मामलों में वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन और फरार अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी पर भी बल दिया गया। शराब, बालू माफिया और गाड़ी चोरों पर होगी विशेष कार्रवाई बैठक में बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून का कड़ाई से पालन कराने पर विशेष चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने शराब के निर्माण, परिवहन, भंडारण और तस्करी में शामिल लोगों के बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंक का पता लगाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। शराब मामलों में जब्त वाहनों के राजसात और बरामद शराब के शीघ्र विनष्टीकरण की प्रक्रिया पूरी करने को भी कहा गया।इसके साथ ही सभी अंचल पुलिस निरीक्षकों को मोटरसाइकिल चोरों और अन्य चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। अवैध बालू उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ भी सघन कार्रवाई करने और सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों को समय पर iRAD/eDAR पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया। भूमि विवाद, जघन्य अपराधियों की निगरानी और जवाबदेही तय बैठक में सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में घटनास्थल की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और गवाहों के बयान दर्ज करने जैसे बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाली भूमि विवाद समाधान बैठक में स्वयं शामिल होकर अधिक से अधिक मामलों का निपटारा कराने का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में जवाबदेही के साथ काम करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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