
कोलकाता से श्रीकांत शर्मा की रिपोर्ट
Kolkata Metro: जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर में इंजीनियरों ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 1.7 किमी जमीन के अंदर सुरंग की खुदाई करते हुए विक्टोरियां मेट्रो स्टेशन तक पहुंच गये हैं. पर्पल लाइन के खिदिरपुर से विक्टोरिया मेमोरियल तक अपनी पहली टनलिंग का काम सफलतापूर्वक टनल बोरिंग मशीन “दुर्गा” ने पूरा किया है. “दुर्गा” द्वारा सुरंग का काम पूरा करना इस परियोजना की सफलता में मील का पत्थर माना जा रहा है.
एक वर्ष पहले शुरू किया था काम
मेट्रो सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ठीक एक वर्ष पूर्व 10 जुलाई को ही टीबीएम ‘दुर्गा’ ने खिदिरपुर के सेंट थॉमस स्कूल परिसर में बने शाफ्ट से खुदाई का काम शुरू किया था. मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि यह टीवीएम मशीन शुक्रवार को उक्त मार्ग की अंतिम जमीन की खुदाई कर भूमिगत सुरंग से बाहर निकलेगी. पिछले वर्ष जुलाई में ही दूसरी टीवीएम मशीन ‘दिव्या’ ने भी खिदिरपुर से ही जोका-एस्प्लेनेड पर्पल लाइन मेट्रो कॉरिडोर में समानांतर सुरंग की खुदाई का काम शुरू किया था. दोनों मशीन खिदिरपुर में जमीन से 17 मीटर नीचे टनल खोद रही है.
दिसंबर 2026 तक काम पूरा होने की उम्मीद
टनल बोरिंग मशीन ‘दुर्गा’ की बात करें तो यह एक पृथ्वी दबाव संतुलन (ईपीबी) प्रकार की टनलिंग मशीन है, जो 95 मीटर लंबी, 600 टन वजनी है और इसका बाहरी व्यास 6.63 मीटर है. विक्टोरिया तक काम पूरा करने के बाद अब यह दोनों जुड़वां मशीनें विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन के बाद पार्क स्ट्रीट की तरफ सुरंग खोदती हुई बढ़ेंगी. मिली जानकारी के अनुसार ‘दुर्गा’ की टनलिंग का काम दिसंबर 2026 में और ‘दिव्या’ की खुदाई मार्च 2027 में पूरी होने की उम्मीद है.
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दो टीवीएम बना रहीं सुरंग
पर्पल लाइन जोका-एस्प्लेनेड कॉरिडोर यह कोलकाता मेट्रो के महत्वाकांक्षी पर्पल लाइन के विकास का हिस्सा है, जो दक्षिण कोलकाता को शहर के मुख्य केंद्र से जोड़ेगी. खिदिरपुर से पार्क स्ट्रीट तक 2.65 किमी. लंबी ज्वाइंट ट्यूब टनल बनाने के लिए दो टीबीएम ‘दुर्गा’ और ‘दिव्या’ को लगाया गया है. मेट्रो ने कहा कि ये नई जेनरेशन की टीबीएम बहुत सुरक्षित और एफिशिएंट हैं, जो लगभग 80 एमएम प्रति मिनट की रफ्तार से खुदाई कर सकती हैं. इनमें कई मॉडर्न सेफ्टी फीचर्स हैं.
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