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भोजपुर पुलिस ने भाजपा पंचायत अध्यक्ष सह गल्ला व्यवसायी विक्रांत कुमार सिंह की हत्या मामले में जांच तेज कर दी है। वारदात के दूसरे दिन आरा से पहुंची फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। एफएसएल विशेषज्ञों ने कई घंटे तक मौके पर रहकर रक्त के नमूने, फिंगरप्रिंट समेत अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए और घटनास्थल की तकनीकी जांच के साथ फोटोग्राफी भी की। पुलिस का मानना है कि वैज्ञानिक जांच से हत्या की पूरी कड़ी जोड़ने और फरार आरोपितों तक पहुंचने में अहम मदद मिलेगी। वीडियो वायरल करने और पुराना जमीन विवाद में हत्या सहार थाना क्षेत्र के बड़की खड़ाव गांव निवासी विक्रांत कुमार सिंह(34) की बुधवार को चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राज के निर्देश पर एफएसएल टीम को जांच के लिए बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से मिले हर संभावित साक्ष्य को सुरक्षित कर जांच के लिए अपने साथ ले गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में वीडियो बनाकर वायरल करने और पुराना जमीन विवाद हत्या की संभावित वजह के रूप में सामने आया है। हालांकि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है। मृतक के पिता वीरेंद्र सिंह के बयान पर सहार थाना में मुख्य आरोपी आनंद कुमार सिंह समेत सात लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक नामजद आरोपी अरेस्ट मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सहार थानाध्यक्ष सुबोध कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने एक नामजद आरपी अनिल सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, अन्य नामजद आरोपी अब भी फरार है, गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। हत्या के बाद बड़की खड़ाव गांव में तनावपूर्ण शांति का माहौल है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस लगातार गांव में निगरानी बनाए हुए है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर मामले का उद्भेदन किया जाएगा। वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

