
Banka Amarpur Double Murder: अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गांव के समीप बीते 5 जुलाई को हुए गुंजन सिंह और सीटू सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी सचिन कुमार सिंह को बांका पुलिस ने झारखंड की राजधानी रांची से दबोचा था. शनिवार की अहले सुबह जब पुलिस टीम उसे हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी के लिए बलिया गांव के पास के जंगलों में ले गई, तो आरोपी ने पुलिस पर ही गोलियां बरसा दीं. इस मुठभेड़ में एक ओपी अध्यक्ष और एक सब-इंस्पेक्टर (SI) सहित चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं.
पुलिस का हाथ छुड़ाकर झाड़ियों में छिपाई पिस्तौल से दागीं गोलियां
बांका पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रांची से ट्रांजिट रिमांड पर लाए गए शूटर सचिन कुमार सिंह ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि उसने वारदात के बाद मुख्य हथियार को बलिया के घने जंगलों में छिपा दिया है. शनिवार की अलसुबह जब सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था, तभी सचिन ने अचानक एक पुलिसकर्मी को झटका दिया और तेजी से दौड़कर झाड़ियों में पहले से लोड कर रखी पिस्तौल उठा ली.
खुद को घिरा देख उसने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. अचानक हुए इस हमले में मैनमा ओपी अध्यक्ष आयांस रंजन और अमरपुर थाना के एसआई मुकेश कुमार समेत दो अन्य पुलिसकर्मी गोली के छर्रे लगने और चोट आने से घायल हो गए.
आत्मरक्षा में पुलिस ने चलाई गोली, पैर में लगी
आरोपी द्वारा किए गए जानलेवा हमले के बाद पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई (क्रॉस फायरिंग) की. पुलिस द्वारा चलाई गई गोली सीधे सचिन कुमार सिंह के पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा. पुलिस ने तत्काल उसे दोबारा कस्टडी में लिया और इलाज के लिए सदर अस्पताल बांका पहुंचाया. जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज), भागलपुर रेफर कर दिया.
5 जुलाई की वो सनसनीखेज वारदात, दूसरा आरोपी पहले ही गिरफ्तार
उल्लेखनीय है कि 5 जुलाई को अमरपुर के बलिया गांव के समीप गुंजन सिंह और सीटू सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे पूरे जिले में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए थे.
- एसटीएफ और एफएसएल की जांच: शनिवार को हुई इस मुठभेड़ की खबर मिलते ही एसटीएफ (STF) और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की तकनीकी टीमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं और खोखे व अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए.
- सह-आरोपी की गिरफ्तारी: पुलिस इस मामले के एक अन्य सह-आरोपी सोनम सिंह उर्फ सोम सिंह को पहले ही बेगूसराय जिले के तेघड़ा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.
कहते हैं पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार
मुठभेड़ और शूटर के जख्मी होने के पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बांका के पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया:
“दोहरे हत्याकांड के मुख्य शूटर सचिन कुमार सिंह को हमारी टीम ने रांची से तकनीकी इनपुट के आधार पर गिरफ्तार किया था. हथियार रिकवरी के दौरान उसने पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया और छिपाकर रखे गए हथियार से पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी. पुलिस ने आत्मरक्षा के अधिकार का प्रयोग करते हुए जवाबी गोलीबारी की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी है. इस घटना में हमारे दो जांबाज पुलिस पदाधिकारी और दो जवान भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज अमरपुर रेफरल अस्पताल में चल रहा है. अपराधी चाहे कितना भी शातिर हो, कानून पर हाथ उठाने वालों से पुलिस कड़ाई से निपटेगी. मामले में आगे की विधिसम्मत कानूनी प्रक्रिया की जा रही है.”
— अमितेश कुमार, पुलिस अधीक्षक (बांका)
शूटर सचिन के पकड़े जाने और पुलिस की इस त्वरित जवाबी कार्रवाई के बाद अमरपुर क्षेत्र के व्यापारियों और आम नागरिकों ने पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी की सराहना की है.

