![]()
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की घोषणा होने के बाद आज भाजपा के प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर नामांकन करेंगे। वैदिक ज्योतिष के गणना के अनुसार सोमवार को सूर्य और चन्द्रमा दोनों ही मिथुन राशि में विद्यमान है। मिथुन लग्न की उपस्थिति में शुभ कार्य करने से कार्य में सफलता, बुद्धि और वाणी में प्रबुद्धता, आर्थिक लाभ, यश और सम्मान में वृद्धि तथा जीवन के रुकावटों व विघ्नों में कमी आती है। मिथुन लग्न में संवाद, जनसंपर्क, प्रचार-प्रसार करना शुभ ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने वैदिक ज्योतिष के आधार पर बताया कि मिथुन लग्न बुद्धि, संवाद, जनसंपर्क, प्रचार-प्रसार और राजनीती के लिए अच्छा माना गया है। राजनितिक क्षेत्र में सफलता के लिए मिथुन लग्न में चुनाव नामांकन, जनसंपर्क, भाषण और आवेदन करना अनुकूल होता है। शुभ मुहूर्त में नामांकन पत्र भरने से सुखद परिणाम की प्राप्ति होती है। विजय पताका लहराने की आशंका बढ़ जाती है। सोमवार को शुभ कार्य करने पर सफलता के आसार उन्होंने आगे कहा कि अगर प्रत्याशी की कुंडली में लग्न और ग्रह की स्थिति अनुकूल हो तो सोमवार को शुभ कार्य आरंभ करने पर उसकी सफलता के आसार बढ़ जाता है। सोमवार का दिन शिव और चंद्रमा को समर्पित होता है। सोमवार को शुभ कार्य करने से मानसिक शांति, कार्य में सफलता, लोकप्रियता व जनसमर्थन, आपसी सौहार्द में वृद्धि होती है। चुनाव प्रचार के दौरान गुप्त नवरात्र होगा खास उपचुनाव के प्रचार के दौरान गुप्त नवरात्र का संयोग प्रत्याशियों के लिए पूजा-पाठ, जाप, अनुष्ठान का स्वर्णिम अवसर सिद्ध होगा। इसलिए वे अपनी विजय हेतु विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी, गोवाहाटी में विराजमान माता कामाख्या, राजधानी के बड़ी पटनदेवी, छोटी पटनदेवी, शितला माता, महावीर मंदिर तथा बांस घाट स्थित सिद्ध काली मंदिर समेत सूबे के सभी प्रमुख मंदिरों के अलावे उम्मीदवार अपने आवासीय परिसर में भी वेदोक्त या तंत्रोक्त विधि से पूजा-अनुष्ठान, अखण्ड ज्योत, जाप, कन्या पूजन करना उनके लिए उत्तम सिद्ध होगा। 30 को चुनाव और इसी दिन से सावन की शुआत बिहार विधानसभा के बांकीपुर सीट पर उपचुनाव 30 जुलाई गुरुवार को है। पंचांगों के अनुसार सावन का पावन महीना भी इसी दिन से शुरू हो रहा है। चुनाव के दिन शिव के प्रिय श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग का उत्तम संयोग रहेगा। ऐसे में प्रत्याशियों के लिए यह दिन वरदान साबित हो सकता है। जनता की सेवा, शिव की आराधना, जनसंपर्क में तत्परता, जरुरतमंदो की मदद, गाय और वृद्धजनों की सेवा करने से सफलता के मार्ग प्रशस्त होंगे। मिथुन लग्न और सोमवार की योग लाभकारी बुद्धि और विवेक में वृद्धि: मिथुन लग्न के स्वामी बुध तथा सोमवार के स्वामी चंद्रमा हैं। जब मन और बुद्धि का संतुलन अच्छा होता है परिणाम बेहतर होती है। जनसंपर्क और लोकप्रियता: मिथुन लग्न संचार, वाणी और संपर्क का प्रतीक है। सोमवार का चंद्रमा जनसमर्थन और लोकप्रसिद्धि से जुड़ाव है। इसलिए जनसंपर्क, राजनीति, सामाजिक कार्य या सार्वजनिक घोषणा के लिए अनुकूल होता है। मान-सम्मान में वृद्धि: शुभ मुहूर्त में किया गया कार्य समाज में प्रतिष्ठा और सम्मान दिलाने में सहायक होता है। नई शुरुआत के लिए अनुकूल: शिक्षा, व्यापार, कार्यारंभ, नामांकन, दस्तावेज़ जमा करना, यात्रा या महत्वपूर्ण बैठक जैसे कार्य के लिए अनुकूल समय होता हैं। मानसिक शांति और सफलता: सोमवार भगवान शिव का दिन है। यदि कार्य प्रारंभ करने से पहले शिवजी का पूजन, मंत्र जाप, गुरुजनो और बड़ो का आशीर्वाद लेने से मानसिक स्थिरता व कार्यसिद्धि की प्रबल आसार होती है।

