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जहानाबाद में गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में शहर में एक मार्च निकाला। यह विरोध मार्च ऊंटा मोड़ से शुरू होकर अरवल मोड़ तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के झंडे लहराते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विभिन्न जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को उठाया। मार्च का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस जिला अध्यक्ष संजीव कुमार उर्फ बबलू ने आरोप लगाया कि केंद्र की एनडीए सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने काला धन वापस लाने, हर वर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने, तथा महंगाई और बेरोजगारी पर नियंत्रण के वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। नेताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं का भी जिक्र किया, इसे युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा और आरएसएस पर धार्मिक आस्था का राजनीतिक उपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने श्रद्धापूर्वक योगदान दिया था, लेकिन ट्रस्ट के गठन और धन के उपयोग को लेकर कई सवाल उठे हैं। नेताओं का कहना था कि जनता की मेहनत की कमाई का पारदर्शी उपयोग न होने से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। अरवल मोड़ पहुंचने के बाद विरोध मार्च एक सभा में बदल गया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेगी और जनहित के सवालों को लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने लोगों से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने तथा आगामी चुनाव में सोच-समझकर मतदान करने की अपील की।

