
Bhagalpur Weather: भागलपुर समेत दक्षिण बिहार के लोगों के लिए अगले पांच दिन राहत और सतर्कता दोनों लेकर आए हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार 18 जुलाई से 22 जुलाई तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. कुछ जिलों में अति भारी वर्षा का भी अलर्ट जारी किया गया है.
बांग्ला सावन की शुरुआत के साथ सुलतानगंज से देवघर जाने वाले कांवरियों के लिए मौसम अनुकूल रहने की उम्मीद है. दूसरी ओर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने किसानों को धान की बुवाई और फसल प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण सलाह भी जारी की है.
22 जुलाई तक बारिश और बादल छाए रहने का अनुमान
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर बताया है कि 18 से 22 जुलाई के बीच दक्षिण बिहार के विभिन्न जिलों में एक या दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है.
इस दौरान आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे तापमान में भी अधिक बढ़ोतरी नहीं होगी.
इन जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने जमुई, नवादा और गया जिले के एक-दो स्थानों पर अति भारी वर्षा होने की संभावना जताई है. ऐसे में इन क्षेत्रों के लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
तापमान और हवा का रहेगा यह हाल
पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है.
सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 80 से 85 प्रतिशत और दोपहर में 65 से 75 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है.
अगले दो दिनों तक दक्षिण-पश्चिम दिशा से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी. इसके बाद हवा की दिशा बदलकर दक्षिण-पूर्वी हो जाएगी.
बांग्ला सावन में कांवरियों के लिए अनुकूल रहेगा मौसम
शनिवार से शुरू हो रहे बांग्ला सावन के दौरान मौसम श्रद्धालुओं के लिए अनुकूल रहने की संभावना है. सुलतानगंज से गंगाजल लेकर देवघर जाने वाले कांवरियों को अत्यधिक गर्मी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
बादल और रुक-रुककर होने वाली बारिश के कारण कांवर यात्रा अपेक्षाकृत सुगम रहने की उम्मीद है. हालांकि गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर रुकने से बचने की सलाह दी जाती है.
किसानों के लिए कृषि विश्वविद्यालय की सलाह
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने किसानों को वर्तमान मौसम का लाभ उठाते हुए धान की बुवाई करने की सलाह दी है.
विश्वविद्यालय ने सबौर सुरभित, भागलपुर कतरनी और सबौर दीप जैसी धान की किस्मों की बुवाई की अनुशंसा की है. बुवाई से पहले बीजों को कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करने की सलाह दी गई है.
साथ ही 10 से 15 दिन की नर्सरी में समय पर निराई-गुड़ाई करने और पुरानी नर्सरी में खरपतवार नियंत्रण करने को कहा गया है.
किसान चाहें तो सबौर मोती धान और सबौर सोना जैसी किस्मों की सीधी बुवाई भी कर सकते हैं.
Bhagalpur Weather: बारिश के बीच सावधानी भी जरूरी
लगातार बारिश और गरज-चमक की संभावना को देखते हुए लोगों को अनावश्यक रूप से खुले मैदानों में जाने से बचना चाहिए. किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देने और मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है.
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