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पटना में CM सम्राट चौधरी ने आज जीविका के जरिए चयनित 2446 कैंडडेट्स को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस दौरान CM ने अपने संबोधन में कहा कि 2005 के बाद नीतीश जी ने जीविका की शुरुआत की। पहले लोग बिहार में महिलाओं का योगदान नहीं मानते थे। आज देखिए जीविका दीदियों की वजह से टैक्स मिलता है। सबसे ज्यादा कहीं लखपति दीदी हैं तो वो हमारे बिहार में हैं। आप किसी भी सेक्टर में चले जाइए, जीविका समूह लगातार गांव के विकास के लिए काम कर रहे हैं। हम एक बार में 2 लाख रुपए भी दे सकते थे। हम इसे इंस्टॉलमेंट में इसलिए दे रहे हैं कि उसका सही इस्तोमाल हो सके। 2024 और 2025 को हमने जीविका दीदियों के जरिए महिला संवाद करवाया। वहां से संवाद हमारे पास आया कि पेंशन की राशि कम है। इसके बाद हमने पेंशन की राशि बढ़ाई। कई महिलाओं ने कहा कि बहुत ज्यादा बिजली बिल देना पड़ता है। हमने कठोर फैसला लिया। 1 करोड़ 70 लाख परिवारों को हम 125 यूनिट मुफ्त बिजली दे रहे हैं। महिलाओं ने ये भी बताया कि हमें रोजगार मिले। हमें कई जगहों से रिपोर्ट आई, नीतीश जी ने कई जगहों पर जीविका दीदियों से बात की। उन्होंने मुर्गी, बकरी पालन का काम शुरू किया। पूरे बिहार में जो पिछले 20 साल में जीविका में जो क्रांति हुई है वो किसी राज्य में नहीं हुई है। इसे और तेज गति से बढ़ाना है। ऊर्जा ऑडिटोरियम में कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव भी मौजूद रहे। नीचे जानिए दस हजारी (मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना) की स्थिति क्या है? दूसरी किस्त के पैसे क्यों नहीं मिले? पैसे पाने के लिए क्या करना होगा? पहली किस्त बांटने में खर्च हुए 18 हजार 100 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (जिसे 10 हजारी स्कीम भी कहा जा रहा है) के तहत बिहार सरकार ने राज्य की 1.81 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10-10 हजार रुपए दिए। अब तक 18 हजार 100 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हुए हैं। योजना के अनुसार महिलाओं को रोजगार करने के लिए सहायता के रूप में 2 लाख रुपए दिए जाने हैं। दूसरी किस्त में 20-20 हजार रुपए मिलेंगे। शर्त यह है कि पैसे उन महिलाओं को ही मिलेंगे, जिन्होंने पहले मिले पैसे से रोजगार का कोई काम शुरू किया होगा। कोई व्यवसाय शुरू किया होगा। जैसे बकरी, भैंस या गाय पालना। छोटा-मोटा दुकान खोलना। पापड़-अचार बनाना या कोई और काम। शहर में रहने वाली 18 लाख जीविका दीदियों को पहली किस्त का इंतजार 10 हजारी स्कीम की पहली किस्त सभी जीविका दीदियों को नहीं मिली है। शहर में रहने वाली 18 लाख महिलाएं इसके इंतजार में हैं। ग्रामीण विकास विभाग के मुताबिक शहरी क्षेत्र की जीविका दीदी का सर्वे नगर विकास एवं आवास विभाग के हाथों होना है। ग्रामीण विकास विभाग ने जीविका दीदी की सूची सौंपी है। वेरीफाई के बाद शहरी क्षेत्र की जीविका दीदी को 10 हजार रुपए मिलेंगे। 34 लाख महिलाओं को जल्द मिलेंगे दूसरी किस्त के 20-20 हजार रुपए दूसरी किस्त में 20 हजार रुपए मिलने हैं। इसके लिए आवेदन जारी है। पहली किस्त पा चुकी महिलाओं को जीविका पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन जमा करना है। अपने रोजगार की जानकारी देनी है। इसकी तस्वीर शेयर करनी है। ग्राम संगठन इसका वेरिफिकेशन करेंगे। ग्राम संगठन के सर्टिफिकेशन के बाद दूसरी किस्त के पैसे मिलेंगे। विभाग के मुताबिक अब तक 34 लाख महिलाओं के रोजगार की जांच की जा चुकी है। ये वे महिलाएं हैं, जिन्हें पहले फेज में 10-10 हजार रुपए मिले थे। इन्होंने आवेदन जमा किया है। हालांकि, दूसरी किस्त के पैसे देने की डेट अभी तय नहीं है। अगर 34 लाख जीविका दीदियों को ही पैसे मिलते हैं तो 6,800 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दूसरी किस्त क्यों रोकी गई, 3 वजह 1- पहली किस्त के पैसे की जांच जारी: सरकार ने अब तक 34 लाख महिलाओं को पहली किस्त में मिले 10 हजार रुपए के खर्च की जांच की है। ग्रामीण विकास विभाग के मुताबिक महिलाओं के रोजगार की जांच की जा रही है। वेरिफिकेशन चल रहा है। विभाग की माने तो जांच तेज की जाएगी। 2- शहरी महिलाओं को नहीं मिली पहली किस्त की राशि: शहरी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को पहली किस्त की राशि अब तक नहीं दी गई है। 120 नगर पंचायत की 18 लाख से अधिक महिलाओं को इसका इंतजार है। नगर विकास एवं आवास विभाग को लाभुक महिलाओं की योग्यता की जांच का काम मिला है। वह तेजी से काम नहीं कर रहा। 3- सरकार का खजाना खाली: सरकार का खजाना खाली होने के चलते भी जीविका दीदियों को पैसे देने में देर की जा रही है। सम्राट चौधरी की सरकार गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही है। सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से 12 हजार करोड़ रुपए कर्ज मांगा है। 75 लाख महिलाओं का वेटिंग पीरियड खत्म 26 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तब के सीएम नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की थी। पहले चरण में 75 लाख महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे। विभाग के मुताबिक पहली किस्त के 6 महीने बाद दूसरी किस्त के पैसे देने का प्रावधान है। इसके अनुसार 75 लाख महिलाओं को 6 महीने बाद भी दूसरी किस्त के पैसे नहीं मिले हैं। जीविका दीदियों को पैसे मिलने में हो रही देर के संबंध में बात करने के लिए हमने ग्रामीण विकास मंत्री विजय चौधरी से बात करने की कोशिश की। उनके पर्सनल नंबर पर संपर्क साधा, लेकिन खबर लिखने तक उनसे बात नहीं हो सकी। इधर, जीविका के अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से बयान देने से मना किया है। 5 किस्त में मिलेंगे 2 लाख रुपए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के 2 लाख रुपए जीविका दीदियों को 5 किस्त में मिलेंगे। यह जरूरी नहीं कि सभी जीविका दीदियों को पूरे 2 लाख रुपए मिलें। यह इस बात से तय होगा कि उन्होंने दिए गए पैसे का इस्तेमाल रोजगार शुरू करने में किया या नहीं। किया भी तो उनका काम कैसा चल रहा है। 5 किस्त में इस तरह मिलेंगे पैसे… क्यों शुरू की गई थी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना? योजना का मकसद महिलाओं के रोजगार को बढ़ावा देना है। राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला की अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। योजना का क्रियान्वयन बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के माध्यम से किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में योजना को जमीन पर नगर विकास एवं आवास विभाग से सहयोग से उतारा जा रहा है। गांव में रहने वाली महिलाएं कैसे करें आवेदन? पहले जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ें। इसके बाद योजना का लाभ लेने के लिए अपने ग्राम संगठन में जाकर आवेदन करें। समूह के सभी सदस्यों की विशेष बैठक ग्राम संगठन स्तर पर आयोजित की जाएगी, जिसमें एक समूह के सभी सदस्यों का आवेदन लिया जाएगा। जो महिलाएं जीविका स्वयं सहायता समूह से नहीं जुड़ी है उन्हें योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए सबसे पहले स्वयं सहायता समूह में जुड़ने के लिए अपना आवेदन संबंधित ग्राम संगठन में जमा करना होगा। शहरी क्षेत्रों की महिलाएं कैसे करें आवेदन? शहरी क्षेत्र की महिलाओं को आवेदन करने के लिए जीविका की वेबसाइट (www.brlps.in) पर लिंक उपलब्ध रहेगा। योजना का लाभ लेने की इच्छुक महिलाओं द्वारा पंजीकरण करते समय अपना मोबाइल नंबर, आधार संख्या, बैंक खाता विवरण एवं व्यवसाय का प्रकार अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। इसके साथ ही आवेदक को अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक (जिसमें नाम, खाता संख्या, IFSC कोड अंकित हो) फोटोग्राफ एवं सादे पेज पर साइन की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़ना होगा। शहरी क्षेत्र की महिलाएं जो पहले से ही स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, उन्हें ऑनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। शहरी क्षेत्र की जो महिलाएं स्वयं सहायता समूह से नहीं जुड़ी है, उनके द्वारा आवेदन करने हेतु जीविका के वेबसाइट पर लिंक उपलब्ध है। सभी प्राप्त आवेदनों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा एवं यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि महिला बिहार राज्य की निवासी हो। योजना का लाभ लेने के क्रम में ट्रेनिंग लेना आवश्यक होगा। आगे आवश्यकतानुसार अन्य दस्तावेजों की मांग की जा सकती है।


