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गिरिडीह पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। भाकपा (माओवादी) की एरिया कमेटी सदस्य अनिता किस्कू ने मंगलवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। उसके खिलाफ झारखंड के विभिन्न थानों में 15 नक्सली मामले दर्ज हैं। एसपी डॉ. बिमल कुमार ने पुलिस लाइन में यह जानकारी दी। इस अवसर पर द्वितीय कमान अधिकारी अभिनव आनंद और अपर पुलिस अधीक्षक सुरजीत कुमार भी उपस्थित थे। एसपी ने बताया कि पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड के निर्देश पर पारसनाथ जोन में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान और झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति “नई दिशा-एक नई पहल” से प्रभावित होकर अनिता किस्कू ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। लगभग 30 वर्षीय अनिता किस्कू बोकारो जिले के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र के ढोढी, जालगा टोली की निवासी है। वह संगठन में एरिया कमेटी सदस्य के रूप में पारसनाथ, लुगू पहाड़ी, झुमरा पहाड़ी और कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय रही है। संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती रही जानकारी के अनुसार, वर्ष 2009 में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान उसकी मुलाकात माओवादी नेताओं से हुई, जिसके बाद वह संगठन से जुड़ गई। वर्ष 2017 में उसने माओवादी नेता अजय महतो से विवाह किया और संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती रही। पुलिस के मुताबिक, वह हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, उन्हें जंगलों में छिपाने, लेवी वसूली तथा अन्य संगठनात्मक कार्यों में शामिल रही। एसपी ने बताया कि संगठन के भीतर कथित शोषण, लगातार पुलिस कार्रवाई और उसके पति अजय महतो की गिरफ्तारी के बाद उसका संगठन से मोहभंग हो गया। इसके बाद उसने स्वयं गिरिडीह पुलिस से संपर्क कर आत्मसमर्पण की इच्छा जताई। पुलिस अधिकारियों ने उसे सरकार की पुनर्वास नीति की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार से विचार-विमर्श कर उसने स्वेच्छा से आत्मसमर्पण किया। सरकार उसे 3 लाख रुपए की पुनर्वास सहायता प्रदान करेगी। अनिता किस्कू के खिलाफ मधुबन, गुवा, मुफस्सिल चाईबासा और टोन्टो थाना क्षेत्रों में आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, सीएलए एक्ट तथा यूएपीए सहित विभिन्न धाराओं के तहत कुल 15 मामले दर्ज हैं।
