![]()
झारखंड लोकसेवा आयोग की नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई। झारखंड लोक सेवा आयोग के कार्यालय सहित कुल आठ स्थानों पर सीआईडी और रांची पुलिस ने छापेमारी की। जांच के दौरान परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. (टीडीपीएल) के ठिकानों को भी खंगाला गया। इस कार्रवाई में जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के साथ डेटा एंट्री, प्रोग्रामिंग और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही टीडीपीएल के कार्यालय को सील कर दिया गया। इसी बीच देर शाम जेपीएससी के चेयरमैन एल ख्यांगते ने इस्तीफा दे दिया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। डिजिटल फॉरेंसिक जांच शुरू, सीएम कर रहे मॉनिटरिंग सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में मंगलवार को शुरू हुई छापेमारी देर रात तक जारी रही। टीम ने जेपीएससी कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और कंप्यूटरों की गहन जांच की और महत्वपूर्ण सामग्री जब्त कर ली। टीडीपीएल से जुड़े रिकॉर्ड्स को भी खंगालते हुए कई अहम डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं। राज्य सरकार ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस और सीआईडी की टीम ने जब्त दस्तावेजों और कंप्यूटरों की जांच के लिए डिजिटल फॉरेंसिक टीम को लगाया है। वहीं, छापेमारी की कार्रवाई आज भी जारी रहने की बात कही गई है, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पहले श्वेता के घर की तलाशी, फिर हिरासत में लिया सीआईडी की टीम ने सबसे पहले जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता से पूछताछ की। फिर उन्हें लेकर वर्धमान कंपाउंड स्थित उनके घर पर गई। वहां तलाशी लेने के बाद टीम फिर श्वेता को लेकर जेपीएससी ऑफिस पहुंची। दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इस छापेमारी के दौरान पूरे जेपीएससी कार्यालय की पुलिस ने घेराबंदी कर रखी थी। किसी को बाहर जाने नहीं दिया गया। इनके खिलाफ चल रही जांच इन बिंदुओं पर जांच कर रही है सीआईडी जानिए… कैसे बढ़ता गया विवाद बड़े सवाल… जो गड़बड़ियों का इशारा कर रहे


