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धनबाद-चंद्रपुरा रेलखंड पर सोनारडीह रेल केबिन के पास ट्रैक से महज चार मीटर की दूरी पर जमीन धंस गई, जिससे एक गोफ बन गया। बुधवार को ट्रैक पर गश्त कर रहे ट्रैकमैन की सतर्कता से इसकी जानकारी अधिकारियों को मिली, जिसके बाद रेलवे और बीसीसीएल की टीम ने तत्काल भराई का कार्य कराया। सोनारडीह रेल केबिन के पास ड्यूटी पर तैनात ट्रैकमैन ने ट्रैक निरीक्षण के दौरान जमीन धंसने से बने गोफ को देखा। संभावित खतरे को भांपते हुए उसने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे विभाग और बीसीसीएल गोविंदपुर क्षेत्र के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बिना देर किए गोफ की भराई कराई ताकि रेल परिचालन पर किसी तरह का खतरा न बने। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि मिट्टी कटाव और क्षेत्र में कोयला खनन की गतिविधियां इस घटना की वजह हो सकती हैं। हालांकि, वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। यह उल्लेखनीय है कि इसी डीसी रेलखंड के नीचे भूमिगत आग की आशंका को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर 15 जून 2017 से इस रेलमार्ग को बंद कर दिया गया था। उस समय 26 जोड़ी ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ था। लगभग दो वर्षों तक चले जन आंदोलन के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू किया गया था। अब एक बार फिर रेल ट्रैक के समीप गोफ बनने की घटना ने इस महत्वपूर्ण रेलमार्ग की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोयलांचल की लाइफलाइन माने जाने वाले धनबाद-चंद्रपुरा रेलखंड पर भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए स्थायी समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है।

