![]()
झारखंड बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन के प्रस्ताव पर दी गई सहमति कैबिनेट ने सोमवार को राज्य की पंचायती राज संस्थाओं के क्षेत्राधिकार के लिए अंगीकृत झारखंड बिल्डिंग बायलॉज-2016 में संशोधन (प्रथम संशोधन) की स्वीकृति दी। ग्रामीण क्षेत्रों में अब सरकारी भवनों, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थाओं के निर्माण के समय कम से कम 4.5 मीटर की सड़क होना अनिवार्य होगा। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक और व्यावसायिक भवनों के निर्माण के लिए सड़कों की चौड़ाई निर्धारित की गई है। पंचायत क्षेत्रों में भवनों के नक्शा पास कराने के नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के इंस्टीट्यूशनल, एडमिनिस्ट्रेटिव और इंडस्ट्रियल इलाकों में अब सड़कों की चौड़ाई 4.50 मीटर छोड़ने पर ही नक्शा पास कर दिया जाएगा। इससे पहले यह प्रावधान 9 मीटर का था, जिसे अब व्यावहारिक बनाते हुए 4.50 मीटर कर दिया गया है। हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा : एक अन्य प्रस्ताव में हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा की शुरुआत करने पर सहमति दी गई। इस हेलीकॉप्टर को भाड़े पर लिया जाएगा। इस पर एक वर्ष में 9.45 करोड़ खर्च होंगे। इसके लिए अभी एसओपी बनाई जाएगी। सरकार मेडिकल सर्विस के लिए सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर का उपयोग करेगी। इस हेलीकॉप्टर का उपयोग बीमार लोगों को अस्पताल लाने व एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल पहुंचाने में किया जाएगा। छात्रावासों का संचालन और प्रबंधन अब जिला स्तर पर गठित कमेटी करेगी
राज्य के सभी जिलों में कल्याण विभाग के तहत आने वाले छात्रावासों का संचालन और प्रबंधन अब जिला स्तर पर गठित कमेटी करेगी। इस कमेटी की अध्यक्षता संबंधित जिले के उपायुक्त करेंगे। पहले कल्याण आयुक्त इसका संचालन करते थे, पर अब इसकी जिम्मेवारी जिलों को दे दी गई है। महाधिवक्ता, वकीलों का बढ़ेगा वेतन
महाधिवक्ता, अपर महाधिवक्ता और सरकारी अधिवक्ताओं के वेतन में वृद्धि होगी। लॉ ऑफिसर और रिसर्च ऑफिसर के 63 नए पदों का सृजन भी किया गया है। सरकार की सोच है कि विभिन्न न्यायालयों में मजबूती से पक्ष रखा जा सके। झारखंड न्यायिक सेवा भर्ती नियमावली और वरीय न्यायिक सेवा नियमावली में संशोधन किया गया है। साथ ही दो जिला न्यायाधीशों की सीधी नियुक्ति को मंजूरी दी गई है। सेवानिवृत्तों को 7वें वेतनमान का लाभ राज्य के विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों (घाटानुदानित अल्पसंख्यक महाविद्यालयों को छोड़कर) के सेवानिवृत शिक्षकों एवं पदाधिकारियों (दिनांक 01.12.2004 के पूर्व नियुक्त) को सातवें वेतनमान का लाभ अब 1 जनवरी 2016 से मिलेगा। पहले यह 1 अप्रैल 2021 से देय था। एरियर की राशि 6 प्रतिशत ब्याज के साथ दी जाएगी। रांची, गुमला, दुमका व पूर्वी सिंहभूम की पांच बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई : कैबिनेट ने पूर्वी सिंहभूम, गुमला, रांची और दुमका की पांच बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर 398 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होंगे।
एसएनएमएमसीएच के विस्तार के लिए 194.73 करोड़ : धनबाद के एसएनएमएमसीएच मेडिकल कॉलेज के विस्तार के लिए 194.73 करोड़ की स्वीकृति दी गई। इससे एमबीबीएस की सीटें 100 से बढ़ाकर 250 की जाएंगी। पीजी सीटों और अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। कैबिनेट के अन्य फैसले
अधिवक्ता कल्याण निधि के लिए 12.32 करोड़ रुपए मंजूर किए गए।
गिरिडीह और दुमका में नए चिड़ियाघर बनाए जाएंगे। झारखंड चिड़ियाघर प्राधिकरण का दायरा पूरे राज्य में बढ़ाया गया।
जमुआ डिग्री कॉलेज के लिए 38 करोड़ और मांडू डिग्री कॉलेज के लिए 40 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।
डिग्री कॉलेज बरही का नाम बदलकर चंदवारा डिग्री कॉलेज कर दिया गया है।
आदित्यपुर नगर निगम भवन के लिए 39.67 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई।
बोकारो के कसमार में पदस्थापित चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अर्चना चौधरी को सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी दी गई। वह काफी समय से अनुपस्थित थींं। वेजफेड के पूर्व एमडी रामोद नारायण झा की पेंशन जब्ती का आदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर रद्द किया गया।
चंद्रेश्वर कापर के खिलाफ जारी बर्खास्तगी आदेश भी निरस्त कर दिया गया।
खान एवं भूतत्व विभाग की देनदारियों के भुगतान के लिए 146 करोड़ रुपए मंजूर किए गए।
एजी कार्यालय में डिजिटलीकरण के तीसरे चरण के लिए 46.85 लाख रुपए की मंजूरी दी गई।
मनरेगा और जल जीवन मिशन से जुड़ी कैब रिपोर्ट को मानसून सत्र में विधानसभा के पटल पर रखने की अनुमति दी गई।
सर जेसी बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में पुनर्गठित शैक्षणिक पद स्वीकृत किए गए।
विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में पुनर्गठित शैक्षणिक पद स्वीकृत किए गए।
बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में पुनर्गठित शैक्षणिक पद स्वीकृत किए गए।
कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में पुनर्गठित शैक्षणिक पद स्वीकृत किए गए।
रांची विश्वविद्यालय एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में पुनर्गठित शैक्षणिक पद स्वीकृत किए गए। सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में पुनर्गठित शैक्षणिक पद स्वीकृत किए गए।
नीलांबर-पीतांबर विवि, मेदिनीनगर, पलामू एवं इसके अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में पुनर्गठित शैक्षणिक पद स्वीकृति किए गए।
नरेश कुमार, भूषण मुनि, हाशीमउद्दीन की सेवा नियमित एवं संपुष्ट करते हुए (उनके आश्रितों को अनुकंपा आधारित नियुक्ति का लाभ) देने की स्वीकृति दी गई।

