NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को आयोजित बिहार बंद का भोजपुर जिले में व्यापक असर देखने को मिला। आरा, जगदीशपुर समेत कई क्षेत्रों में छात
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आरा शहर में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर से विरोध मार्च निकाला। बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता बैनर-पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे। वहीं, जगदीशपुर के नया टोला मोड़ पर आइसा (AISA) और आरवाईए (RYA) के कार्यकर्ताओं एवं छात्रों ने सड़क पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की गई। जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बस स्टैंड के पास आरा-सासाराम, मोहनिया नेशनल हाईवे कुछ देर के लिए जाम कर दिया।
बिहार बंद की अलग-अलग तस्वीरें…

आरा शहर में निकाला गया विरोध मार्च

आरा-मोहनिया नेशनल हाइवे, जगदीशपुर नयका टोला मोड़ के पास आगजनी

छात्रों ने हाथों में चप्पल लेकर किया प्रदर्शन।
केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी
प्रदर्शन की सबसे अलग तस्वीर तब देखने को मिली, जब छात्रों ने हाथों में चप्पल लेकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने इसे शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बताते हुए कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रदर्शन के दौरान ‘जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है’, ‘NEET घोटाले के दोषियों को गिरफ्तार करो’ और ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगातार गूंजते रहे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि NEET परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक से देशभर के लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें।

आरा कलक्ट्रेट मोड़ के पास AISA का विरोध प्रदर्शन

बिहार बंद को लेकर आरा स्टेशन पर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम
जाम में फंसे लोग
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्र लगातार अपनी मांग उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसे और व्यापक बनाया जाएगा।
सड़क जाम और आगजनी के कारण आरा-मोहनिया सर्विस रोड और बिहिया-पीरो स्टेट हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बसें, ट्रक, निजी वाहन और एंबुलेंस तक कुछ समय के लिए जाम में फंस गए। कई यात्रियों को घंटों सड़क पर इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोगों को भी आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाया
जाम की सूचना पर जगदीशपुर के बीडीओ क्रांति कुमार, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अनिरुद्ध कुमार, प्रभारी थानाध्यक्ष विवेक कुमार सहित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और सड़क खाली कराने का प्रयास किया।
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन का नेतृत्व शाहनवाज खान और आनंद कुमार ने किया। नेताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब बिहार के भोजपुर तक पहुंच चुका है। यह केवल NEET परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का सवाल है।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करते हुए पूरे राज्य में व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।


