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छपरा में विधि-व्यवस्था ड्यूटी के दौरान दो प्रखंड विकास पदाधिकारियों के गंभीर रूप से घायल होने के विरोध में सोमवार से सुपौल के विभिन्न प्रखंड में भी BDO ने सांकेतिक विरोध शुरू कर दिया। इसी क्रम में सुपौल जिले के मरौना प्रखंड की बीडीओ रचना भारती ने काली पट्टी बांधकर नियमित सरकारी कार्यों का निर्वहन किया। बताया जा रहा है कि यह विरोध बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ के आह्वान पर किया जा रहा है। संघ की ओर से मुख्य सचिव को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि 25 जुलाई को सारण जिले में विधि-व्यवस्था ड्यूटी के दौरान छपरा सदर के BDO दृष्टि पाठक और रिविलगंज के बीडीओ रितेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। सुरक्षा व्यवस्था के बिना संवेदनशील क्षेत्र में भेजा संघ का दावा है कि दोनों अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और समुचित सुरक्षा व्यवस्था के बिना संवेदनशील क्षेत्र में भेजा गया। घायल अधिकारियों का इलाज पटना के अस्पतालों में चल रहा है। बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने राज्य सरकार से सभी BDO को बॉडी प्रोटेक्टर, दंगा-रोधी हेलमेट, शील्ड सहित अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, प्रत्येक BDO के साथ स्थायी सुरक्षा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति, ड्यूटी के दौरान घायल होने पर सरकारी खर्च पर बेहतर इलाज, विशेष बीमा और क्षतिपूर्ति नीति लागू करने की मांग की है। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था ड्यूटी से पहले पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित करने तथा सारण की घटना में जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की गई है। काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे सभी BDO संघ ने घोषणा की है कि राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा संबंधी ठोस निर्णय लिए जाने तक सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी नियमित सरकारी कार्य करते हुए काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे। साथ ही सरकार से अनुरोध किया गया है कि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित होने तक बीडीओ को विधि-व्यवस्था ड्यूटी से अलग रखा जाए और इस मुद्दे पर संघ के प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र वार्ता की जाए।

