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जमुई में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 215 बटालियन ने पुलिस लाइन मलयपुर में अपना 88वां स्थापना दिवस गरिमापूर्ण ढंग से मनाया। इस अवसर पर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कमांडेंट विनोद कुमार मोहिरिल सहित सभी अधिकारियों और जवानों ने राष्ट्र सेवा के संकल्प को दोहराया। समारोह का आरंभ क्वार्टर गार्ड पर विशेष गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ, जहाँ कमांडेंट विनोद कुमार मोहिरिल को सलामी दी गई। इसके उपरांत, देश की रक्षा में शहीद हुए वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित अधिकारियों और जवानों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों के अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान को स्मरण किया। इस अवसर पर आयोजित सैनिक सम्मेलन में कमांडेंट मोहिरिल ने जवानों को संबोधित किया। उन्होंने बल के अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की सराहना की। कमांडेंट ने बताया कि सीआरपीएफ ने अपने 88 वर्षों के गौरवशाली इतिहास में देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने के लिए जवानों की प्रशंसा की। कमांडेंट ने जवानों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने सभी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा करते रहने का संदेश दिया। कमांडेंट ने यह भी उल्लेख किया कि अपनी उत्कृष्ट सेवाओं और वीरता के कारण सीआरपीएफ देश की सुरक्षा एजेंसियों में सर्वाधिक पदक और सम्मान प्राप्त करने वाला बल है। स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का समापन सभी अधिकारियों और जवानों के लिए ‘बड़ा खाना’ के आयोजन के साथ हुआ। यह समारोह देशभक्ति, अनुशासन और शहीदों के प्रति सम्मान की भावना के साथ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।


