
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पड़ोसी राज्य सिक्किम के नामची जिले में हाल ही में सुरंग ढहने की घटना में मारे गये राज्य के 11 प्रवासी मजदूरों के परिवारों को सोमवार को 21-21 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी. 9 पीड़ित परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की. मुख्यमंत्री ने जलपाईगुड़ी जिलाधिकारी कार्यालय में प्रभावित परिवारों से मुलाकात की.
आज हमने जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों को आर्थिक मदद दी है. 9 परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जायेगी. इनमें से 7 को होम गार्ड के तौर पर और 2 को नागरिक स्वयंसेवक के तौर पर नियुक्त किया जायेगा. दुख की इस घड़ी में हम इन परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं. -शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल
मृतकों के परिजनों से भी मिले शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी ने खुद पीड़ित परिवारों के सदस्यों को नियुक्ति पत्र और राज्य सरकार की ओर से आर्थिक मदद सौंपी. इनमें से कई लोग मालबाजार और उत्तर बंगाल के दूसरे इलाकों से आये थे. सीएम ने मारे गये कर्मचारियों के माता-पिता, जीवनसाथी और भाई-बहनों से भी बातचीत की.
ये भी पढ़ें: सिक्किम सुरंग हादसे में सभी 25 श्रमिकों की मौत, पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
सीएम बोले- यह कोई परमार्थ का काम नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई परमार्थ का कार्य नहीं है, बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी है. राज्य सरकार मुख्यमंत्री राहत कोष से हर शोक संतप्त परिवार को 5-5 लाख रुपए दे रही है. सिक्किम सरकार पहले ही प्रत्येक परिवार को 4-4 लाख रुपए दे चुकी है. परियोजना में शामिल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हर परिवार को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा दे रही है. काम कराने वाला निजी ठेकेदार भी हर परिवार को 5-5 लाख रुपए दे रहा है.
ये भी पढ़ें: सिक्किम टनल हादसे में जलपाईगुड़ी के 6 श्रमिकों की मौत, शुभेंदु अधिकारी ने किया 5 लाख मुआवजे का ऐलान
हादसे में चली गयी थी 25 श्रमिकों की जान
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपए अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. ज्ञात हो कि पिछले हफ्ते नामची में बन रही एक सुरंग का कुछ हिस्सा ढहने से राज्य के 11 मजदूरों की मौत हो गयी थी. मृतकों में से 9 जलपाईगुड़ी जिले के मालबाजार के रहने वाले थे. हादसे के समय सुरंग में मौजूद सभी 25 श्रमिकों की मौत हो गयी थी. ये लोग पश्चिम बंगाल, झारखंड, असम, उत्तराखंड, पंजाब और सिक्किम के रहने वाले थे.


