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शेखपुरा में 32वीं राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को स्थानीय डाइट परिसर में विज्ञान शिक्षकों के लिए एक उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिले के मध्य, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के कुल 125 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक आचार्य गोपाल जी ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को प्रकृति संरक्षण से संबंधित विभिन्न फोकल थीमों पर प्रशिक्षित करना था। इनमें कचरा प्रबंधन के लिए R5, ऊर्जा के लिए E4, जल संरक्षण, संचयन, कृषि, भोजन एवं स्वास्थ्य, तथा निरंतरता के लिए भारतीय ज्ञान प्रणाली का अनुप्रयोग जैसे विषय शामिल थे। परिचर्चा का लक्ष्य समस्याओं को समझकर उनके निष्पादन हेतु परियोजना निर्माण करना था। जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी
प्रशिक्षित शिक्षक अब अपने विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को नवाचारी सोच पर शोध कार्य करवाने और बाल वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन करने में सक्षम होंगे। दो महीने के उपरांत जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें बाल वैज्ञानिक अपने प्रतिदर्श प्रस्तुत करेंगे। यहां से चयनित प्रतिभागी राज्य स्तरीय और फिर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। कार्यशाला में शिक्षा विभाग की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, डाइट के प्रभारी सुशांत सौरभ, जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रवि कुमार और परीक्षा सचिव गुंजन कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसकी अध्यक्षता माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रवि कुमार ने की। धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष अंकित कुमार ने किया। शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए
मुख्य प्रशिक्षकों के रूप में यशपाल जी, अमित कुमार, प्रहलाद कुमार, श्वेता सुमन, नम्रता सिंहा, राकेश कुमार और राजीव कुमार ने अपनी सेवाएं दीं। प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन पर सभी प्रशिक्षित शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

