JPSC और JSSC में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। बुधवार के बाद गुरुवार को भी राजधानी रांची में छात्रों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। गुरुवार का यह प्रदर्शन आजसू छात्र संघ के नेतृत्व में हुआ।
.
आजसू छात्र संघ के नेतृत्व में यह प्रदर्शन जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ और राजभवन तक पहुंचा। राजभवन के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और बैरिकेडिंग की गई थी।

छात्र बैनर-पोस्टर लेकर राजभवन मार्च के लिए निकले।
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़
इस दौरान छात्रों ने JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित धांधली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी है, जिससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने JPSC प्रारंभिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनकी मांग है कि परीक्षा को रद्द कर निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत दोबारा आयोजित की जाए। साथ ही, छात्रों ने इस पूरे मामले की CBI जांच कराने की भी मांग की है।

छात्रों ने JAC से लंबित JTET परीक्षा की तिथि जल्द घोषित करने की भी मांग की।
नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई: प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने शिक्षक (आचार्य) नियुक्ति प्रक्रिया में भी कथित घोटाले का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने JAC से लंबित JTET परीक्षा की तिथि जल्द घोषित करने की भी मांग की।
छात्रों ने यह भी बताया कि पिछले लगभग दो वर्षों से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाया है। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता का अभाव है, अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिका या अंक देखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता और भर्ती परीक्षाएं समय पर नहीं होने से युवाओं में बेरोजगारी और मानसिक तनाव बढ़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार पर युवाओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 10 अगस्त को वे विधानसभा का घेराव करेंगे। छात्रों ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर झारखंड को भी दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर बड़े छात्र आंदोलन का केंद्र बनाया जाएगा।

