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मधुबनी जिले के कैटोला स्थित आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 269 में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान एक मिसाल बन गया है। वेक्टर नियंत्रण पदाधिकारी डिंपू कुमार, पुरुषोत्तम कुमार और अमर कुमार की पहल पर आयोजित विशेष दवा सेवन कार्यक्रम में 50 से अधिक लोगों ने एक साथ फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन किया। इस पहल ने स्थानीय स्तर पर जन जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया। स्वास्थ्यकर्मियों के आह्वान के बाद लोगों में उत्साह देखा गया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने दवा का सेवन किया और दूसरों को भी प्रेरित करने का संकल्प लिया। कई निवासियों ने बताया कि पहले वे दवा लेने में हिचकिचाते थे, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भागीदारी ने उन्हें इसकी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. डी.एस. सिंह ने इस अवसर पर लोगों से अपील की। उन्होंने कहा, “फाइलेरिया से बचाव का एकमात्र उपाय समय पर दवा का सेवन है। यह दवा वैज्ञानिक रूप से परखी हुई और पूरी तरह सुरक्षित है। हर व्यक्ति को इसे अवश्य लेना चाहिए, ताकि हमारे वार्ड को फाइलेरिया-मुक्त बनाया जा सके।” उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्भवती महिलाएं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति ही दवा का सेवन न करें, बाकी सभी को साल में एक बार यह दवा लेनी चाहिए। स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों ने कार्यक्रम के दौरान फाइलेरिया के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जोर दिया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति नियमित रूप से इस दवा का सेवन करेगा, तो फाइलेरिया जैसी विकलांगता पैदा करने वाली बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। इस सामूहिक प्रयास ने यह साबित कर दिया कि स्वास्थ्य विभाग और समुदाय के एकजुट होकर काम करने से किसी भी बीमारी का उन्मूलन संभव है। मधुबनी जिले में यह पहल अब अन्य वार्डों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई है, जिससे जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में उम्मीद जगी है।
कैटोला में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान:50 लोगों ने दवा ली, स्वास्थ्यकर्मियों ने फाइलेरिया के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय बताए
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