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शिवहर में कलेक्टर ने गुरुवार को पिपराही अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्व से जुड़े कार्यों और आम लोगों से संबंधित मामलों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण में दाखिल-खारिज, भूमि बंदोबस्ती, बासगीत पर्चा और जनता दरबार से जुड़े कई मामलों में गंभीर लापरवाही और लंबितता सामने आई, जिस पर समाहर्ता ने अधिकारियों व कर्मचारियों को तत्काल सुधार के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण में दाखिल-खारिज के लंबित मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। राजस्व कर्मचारी के लॉगिन में बड़ी संख्या में मामले लंबित पाए गए। इनमें मसौढ़ी और परसौनी क्षेत्र से संबंधित कई मामले 35 दिनों से भी अधिक समय से लंबित थे। 32 में से 30 मामले प्रक्रियाधीन समाहर्ता ने इन सभी मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बंटवारा नामांतरण के मामलों में पाए गए अंतराल को भी दूर करने को कहा। नीलामवाद की समीक्षा के दौरान कुल 32 मामलों में से 30 मामले अभी भी प्रक्रियाधीन पाए गए, जबकि केवल दो मामलों का ही निष्पादन हो सका था। समाहर्ता ने भूमि बंदोबस्ती और बासगीत पर्चा के लाभार्थियों को वास्तव में जमीन पर कब्जा मिला है या नहीं, इसकी भी जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने अंचल स्तर पर की गई सभी भूमि बंदोबस्तियों की स्थिति की जांच कर वास्तविक लाभार्थियों को कब्जा दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 14 ऑनलाइन रिपोर्ट भी लंबित जिला जनता दरबार से जुड़े मामलों की समीक्षा में भी 14 मामले ऑनलाइन रिपोर्ट में लंबित पाए गए। समाहर्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों द्वारा दिए गए आवेदनों और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय गुणवत्तापूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। कार्यालयी व्यवस्था को लेकर भी समाहर्ता ने सख्ती बरती। उन्होंने अतिक्रमण पंजी को तत्काल अपडेट करने, आगत-निर्गत पंजी को स्पष्ट एवं व्यवस्थित तरीके से संधारित करने और प्राप्त पत्रों पर की गई कार्रवाई का अनुपालन अद्यतन रखने का निर्देश दिया। निर्गत पंजी के सही संधारण को लेकर प्रधान सहायक को विशेष हिदायत दी गई। निरीक्षण के दौरान डीसीएलआर, अंचलाधिकारी और विशेष कार्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

