भागलपुर से रिपोर्ट
Sultanganj Shravani Mela 2026: सावन के पहले ही दिन सुलतानगंज में प्रशासनिक व्यवस्था की असली परीक्षा शुरू हो गई. लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए इंतजामों का जब डीएम और एसएसपी ने मौके पर निरीक्षण किया तो कई ऐसी अनियमितताएं सामने आईं, जिन्होंने पूरे प्रशासनिक तंत्र को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया. सबसे बड़ा मामला नमामि गंगे घाट पर सामने आया, जहां तय 80 चौकियों की जगह 250 चौकियां लगी मिलीं. इतना ही नहीं, रेलवे स्टेशन और आरओबी के पास तैनात कुछ अधिकारी ड्यूटी से गायब पाए गए. पहले ही दिन हुई इस लापरवाही पर जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है.
सावन के पहले दिन ही एक्शन मोड में दिखा प्रशासन
श्रावणी मेला 2026 को लेकर गुरुवार से लागू ट्रैफिक प्लान और सुरक्षा व्यवस्था के बीच भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया. डीएम अलंकृत पाण्डेय और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने एसडीओ, एसडीपीओ तथा अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ नमामि गंगे घाट, बाबा अजगैवीनाथ मंदिर, गंगाघाट, धांधी-बेलारी और अन्य प्रमुख मेला स्थलों का व्यापक निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, ड्रॉप गेट, वैरिकेडिंग, यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि श्रावणी मेला के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
80 की जगह 250 चौकियां, नियमों के उल्लंघन पर सख्ती
निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर अनियमितता नमामि गंगे घाट पर सामने आई. प्रशासन द्वारा निर्धारित 80 चौकियों के स्थान पर 250 चौकियां लगी मिलीं. इसे निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया. इस तरह की अतिरिक्त और अनियोजित व्यवस्था भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती है.
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मेले में हर अस्थायी संरचना का सीधा संबंध सुरक्षा, निकासी मार्ग और आपदा प्रबंधन से होता है. इसलिए तय संख्या से अधिक चौकियां लगना केवल तकनीकी गलती नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर डाल सकता है.
ड्यूटी से गायब मिले अधिकारी, 24 घंटे में मांगा जवाब
रेलवे स्टेशन और आरओबी के समीप ड्रॉप गेट पर तैनात कुछ अधिकारी निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले. अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर भी कुछ जिम्मेदार अधिकारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे.
इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए डीएम ने पांच अधिकारियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है. जिन अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है, उनमें जिला योजना पदाधिकारी हेमलता कुमारी, सायक निदेशक-सह-प्रभारी डीएओ, सुलतानगंज के सीओ, संचालक प्रबंधक भागलपुर विकास कुमार और प्रभारी प्रखंड उद्यान पदाधिकारी सबीर विशाल कुमार शामिल हैं.
डीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
सुलतानगंज से देवघर तक की कांवर यात्रा में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेकर निकलते हैं. ऐसे में घाटों, प्रवेश मार्गों और संवेदनशील स्थलों पर प्रशासनिक सतर्कता बेहद जरूरी मानी जाती है.
डीएम ने निरीक्षण के दौरान कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. सभी अधिकारियों को समन्वय और जवाबदेही के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है.
एसएसपी ने भी पुलिस अधिकारियों को लगातार भीड़ प्रबंधन, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी और यातायात नियंत्रण बनाए रखने के निर्देश दिए.
महादेवपुर गंगा घाट पर बढ़ी भीड़, सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
इधर नवगछिया के परबत्ता क्षेत्र स्थित महादेवपुर गंगा घाट पर भी श्रावण मास शुरू होते ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है. यहां कोसी, मिथिला और सीमांचल क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान कर जल भरकर विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए जाते हैं.

रविवार और सोमवार को यहां भीड़ कई गुना बढ़ जाती है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था अभी भी पर्याप्त नहीं है. घाट पर केवल लाल झंडा और रस्सी से सीमांकन किया गया है. न स्थायी वैरिकेडिंग है और न ही एसडीआरएफ की तैनाती.
हाल के दिनों में दो लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है.
स्थानीय लोगों ने उठाई मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की मांग
महादेवपुर घाट के आसपास रहने वाले लोगों ने प्रशासन से मजबूत वैरिकेडिंग, 24 घंटे गोताखोरों की तैनाती, नियमित माइकिंग, महिला चेंजिंग रूम, साफ-सफाई और पर्याप्त पुलिस बल की मांग की है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही तो मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त नहीं होगी और किसी भी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
Sultanganj Shravani Mela 2026: आगे और कड़ी निगरानी के संकेत
श्रावणी मेला अभी शुरू हुआ है और आने वाले दिनों में सुलतानगंज तथा आसपास के घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है. ऐसे में प्रशासन ने संकेत दिया है कि सभी संवेदनशील स्थलों पर निगरानी और सख्त की जाएगी.
पहले दिन की कार्रवाई यह संदेश भी देती है कि इस बार प्रशासन मेले की व्यवस्थाओं को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है.


