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पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी प्रखंड में मलेरिया का प्रकोप जारी है। यहां एक सप्ताह के भीतर दो बच्चों की मौत हो गई है, जबकि ताड़ेया गांव के हमसदा टोला में कई अन्य बच्चे अभी भी संक्रमित हैं। यह घटना आनंदपुर प्रखंड में पहले से जारी मलेरिया के मामलों के बाद सामने आई है। जानकारी के अनुसार, 24 जुलाई को दो वर्षीय दामू सिरका की मलेरिया से मौत हो गई थी। इसके चार दिन बाद, 28 जुलाई को ढाई वर्षीय रासी सिरका ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर गांव की स्वास्थ्य सहिया ने मेडिकल किट से जांच की थी, जिसमें उनमें मलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई थी। एक ही परिवार के तीन सदस्य मलेरिया पॉजिटिव ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अब भी आधा दर्जन से अधिक बच्चे बुखार और मलेरिया से पीड़ित हैं। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने गांव का दौरा किया और 10 लोगों की जांच की। इस जांच में एक ही परिवार के तीन सदस्य मलेरिया पॉजिटिव पाए गए, जिनका इलाज शुरू कर दिया गया है। लगातार सामने आ रहे मामलों के कारण ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से गांव में नियमित मेडिकल कैंप लगाने, दवाएं और मच्छरदानियां उपलब्ध कराने तथा फॉगिंग कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में निगरानी कर रही है और बुखार से पीड़ित लोगों की जांच के साथ आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मलेरिया की रोकथाम के लिए सर्वेक्षण, जांच और उपचार अभियान तेज कर दिया गया है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।


