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बोकारो जिले के संथालडीह कुरा गांव में शनिवार को एक घर में मिट्टी के चूल्हे में कोबरा मिलने से हड़कंप मच गया। परिजनों ने तत्काल बीएसएल सुरक्षा विभाग के सर्प मित्र एम. पी. पांडे और वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही एम. पी. पांडे वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरी सावधानी और कुशलता के साथ कोबरा का सफल रेस्क्यू किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। प्राकृतिक आवास में जंगल में छोड़ दिया सुरक्षित रेस्क्यू के बाद एम. पी. पांडे ने कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास में जंगल में छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि सांप पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जीव हैं और खेतों में चूहों जैसे हानिकारक जीवों की संख्या नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए उन्हें अनावश्यक नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव एवं प्राथमिक उपचार के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। एम. पी. पांडे ने सलाह दी कि घर और आसपास साफ-सफाई रखें, झाड़ियों और कचरे को जमा न होने दें तथा रात के समय टॉर्च का उपयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घबराएं नहीं और बिना समय गंवाए उसे निकटतम अस्पताल पहुंचाएं। एम.पी. पांडे ने ग्रामीणों से विशेष अपील करते हुए कहा कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या किसी भी प्रकार के अंधविश्वास पर भरोसा न करें। उन्होंने जोर दिया कि समय पर चिकित्सकीय उपचार ही जान बचाने का सबसे प्रभावी उपाय है।

