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पीएम मोदी सरकार ने बंगाल को दी 83433 करोड़ की रेल परियोजनाएं

पीएम मोदी सरकार ने बंगाल को दी 83433 करोड़ की रेल परियोजनाएं

पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने राज्यसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से प्रदेश की रेल परियोजनाओं पर सवाल पूछा. इसके जवाब में अश्विनी वैष्णव ने अपने लिखित जवाब में कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में बंगाल में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व विस्तार हुआ है. बजट में तीन गुणा से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. रेल मंत्री ने कहा कि सिर्फ वर्ष 2026-27 के लिए पश्चिम बंगाल को 14,205 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड बजट मिला है.

अमित मालवीय ने X पर साझा किये आंकड़े

बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए यह जानकारी दी. उन्होंने पूरे आंकड़े भी साझा किये हैं. अमित मालवीय लिखते हैं कि रेल मंत्री के इस जवाब से यह साफ जाहिर होता है कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में रेल नेटवर्क के विस्तार, आधुनिकीकरण और सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है. राज्य को ऐतिहासिक बजट आवंटित किया जा रहा है.

बजट में तीन गुना से ज्यादा का उछाल

संसद में पेश किये गये आंकड़ों के अनुसार, यूपीए सरकार के कार्यकाल (वर्ष 2009 से 2014) के दौरान पश्चिम बंगाल को सालाना औसतन 4,380 करोड़ रुपए का रेलवे बजट मिलता था. मोदी सरकार के तहत वर्ष 2026-27 के बजट में यह राशि तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 14,205 करोड़ रुपए हो गयी है. मालवीय के मुताबिक, बजट आवंटन में यह रिकॉर्ड बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

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83,433 करोड़ रुपए की 63 परियोजनाएं मंजूर

मालवीय के मुताबिक, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जो लिखित जवाब दिया है, उसमें कहा है कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल में कुल 5,148 किलोमीटर लंबी 63 रेलवे परियोजनाएं स्वीकृत (Sanctioned) हैं. इन पर कुल 83,433 करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे. इन स्वीकृत परियोजनाओं का पूरा विवरण यहां देखें.

  • नयी रेल लाइनें : 14 परियोजनाएं
  • गेज परिवर्तन (Gauge Conversion) : 4 परियोजनाएं
  • लाइन दोहरीकरण (Doubling) : 45 परियोजनाएं
  • इनमें से मार्च 2026 तक 27,949 करोड़ रुपए खर्च करके 1,721 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइनें पहले ही चालू (Commissioned) की जा चुकी हैं.

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भूमि अधिग्रहण में आयी तेजी, लंबित प्रोजेक्ट्स को मिली गति

ट्वीट के अनुसार, मई 2026 के बाद से राज्य सरकार के साथ बेहतर समन्वय बनने से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आयी है. कई वर्षों से लंबित महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का काम आगे बढ़ा है. इसका पूरा विवरण इस प्रकार है.

  • कालियागंज-बुनियादपुर रेल लाइन
  • नैहाटी-राणाघाट तीसरी लाइन
  • सैंथिया बाईपास
  • अनारा रेल ओवरब्रिज
  • गौरीनाथधाम रेल ओवरब्रिज
  • नवद्वीपधाम-नवद्वीपधाम नयी रेल लाइन

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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनी राज्यस्तरीय टास्क फोर्स

परियोजनाओं में आने वाली प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों को दूर करने के लिए भी कदम उठाये गये हैं. पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय राज्य स्तरीय टास्क फोर्स (State-level Task Force) का गठन किया गया है. यह टास्क फोर्स परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी अड़चनों को सुलझाने का काम करेगी. रेल मंत्री के लिखित जवाब में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी रेल परियोजना के समयबद्ध निष्पादन के लिए भूमि अधिग्रहण, वन एवं वैधानिक मंजूरियां (Forest Clearances), उपयोगिता स्थानांतरण (Utility Shifting) और कानून-व्यवस्था की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण कारक होते हैं.

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