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औरंगाबाद जिले के दाउदनगर नगर परिषद सभागार में मंगलवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह ने की। बैठक में योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की स्थिति, लाभुकों के चयन, जन समर्थन पोर्टल पर आवेदन एवं अपलोड की प्रगति, सर्वेक्षण, रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना, कार्यान्वयन एजेंसियों की तैयारी, बैंक ऋण की उपलब्धता तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने सभी वार्ड सदस्यों से स्वयं भी योजना का लाभ लेने और अपने-अपने वार्ड से कम-से-कम 10 पात्र घरेलू उपभोक्ताओं के आवेदन सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए जिले में सोलर मेला का भी आयोजन किया जा रहा है। सहायता काउंटर और सोलर मेला आयोजित करने का निर्देश बैठक में उप विकास आयुक्त ने कार्यपालक अभियंता (विद्युत) को निर्देश दिया कि योजना से जुड़े आवेदनों के निष्पादन और आम नागरिकों की सुविधा के लिए कार्यालय परिसर में अलग सहायता काउंटर स्थापित किया जाए। यहां प्रशिक्षित कर्मियों और ऑपरेटरों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि आवेदकों को आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने जानकारी दी कि 6 अगस्त 2026 को औरंगाबाद में कार्यपालक अभियंता (विद्युत) के पर्यवेक्षण में सोलर मेला आयोजित होगा। इच्छुक उपभोक्ता मेले में पहुंचकर योजना की जानकारी प्राप्त करने के साथ अपना आवेदन भी जमा कर सकेंगे। जिन उपभोक्ताओं का बैंक ऋण आवेदन किसी कारणवश स्वीकृत नहीं हो पाया है, उन्हें भी मेले में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में बिजली कंपनी के अधिकारी सहयोग करेंगे। साथ ही सभी बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिया गया कि योजना से संबंधित ऋण आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें। तीन किलोवाट तक 78 हजार रुपये अनुदान का प्रावधान बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना तथा कुसुम योजना के माध्यम से बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के तहत 1 किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर 30 हजार रुपये, 2 किलोवाट पर 60 हजार रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। सौर संयंत्र लगाने के लिए लगभग 80 से 240 वर्ग फीट छत की आवश्यकता होती है। एक किलोवाट का संयंत्र प्रतिमाह करीब 125 यूनिट बिजली का उत्पादन करता है। इसकी लागत सामान्यतः 5 से 7 वर्षों में वसूल हो जाती है, जबकि संयंत्र की औसत आयु लगभग 25 वर्ष होती है। पात्र लाभुकों को राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा भी उपलब्ध है। उप विकास आयुक्त ने नागरिकों से जन समर्थन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर योजना का लाभ उठाने और स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की अपील की। बैठक में नगर परिषद दाउदनगर की अध्यक्षा, अनुमंडल पदाधिकारी, सभी वार्ड सदस्य, कार्यपालक अभियंता (विद्युत) तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

