![]()
राजधानी रांची में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के जारी आंदोलन के बीच झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार को शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन की शुरुआत औपचारिक लेकिन राजनीतिक तौर पर अहम रही। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो का स्वागत करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया। सत्र के सफल, गरिमामय एवं सार्थक संचालन की कामना की। हालांकि सत्र के पहले ही दिन विपक्ष के तेवर तीखे नजर आए। भाजपा विधायक मास्क पहनकर सदन में पहुंचे। जिस पर लिखा था – न्याय चाहिए, धोखा नहीं। जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल सभी परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराओ। विपक्ष का यह संदेश साफ तौर पर राज्य में चल रहे परीक्षा विवाद और अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने खड़े होकर जेपीएससी का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया, जिससे माहौल गर्म हो गया। विपक्ष का प्रदर्शन, एक्शन टेकेन रिपोर्ट पेश सदन के भीतर जहां एक ओर विपक्ष लगातार परीक्षा घोटाले के मुद्दे को उठाने की कोशिश करता रहा, वहीं स्पीकर का संबोधन भी समानांतर रूप से चलता रहा। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बजट सत्र के दौरान सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों पर एक्शन टेकेन रिपोर्ट (एटीआर) सदन में प्रस्तुत की। एटीआर के जरिए सरकार ने अपने वादों पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा रखा, लेकिन विपक्ष का ध्यान मुख्य रूप से परीक्षा अनियमितताओं पर ही केंद्रित रहा। सदन में शोक प्रस्ताव भी लाया गया, जिसके बाद दिनभर की कार्यवाही को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। पहले ही दिन जिस तरह से विपक्ष ने आक्रामक रुख अपनाया, उससे साफ है कि आगामी दिनों में यह सत्र हंगामेदार रहने वाला है, खासकर JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर सियासत और तेज हो सकती है। सात दिनों के सत्र में पांच ही कार्य दिवस 6 से 12 अगस्त तक प्रस्तावित इस संक्षिप्त सत्र में कुल सात दिन निर्धारित हैं, लेकिन शनिवार और रविवार के अवकाश के कारण केवल पांच कार्यदिवस ही उपलब्ध होंगे। सत्र की शुरुआत 6 अगस्त को नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण, अध्यादेश (यदि कोई हो) और शोक प्रकाश के साथ होगी।
7 अगस्त को प्रश्नकाल के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश किया जाएगा। 8 और 9 अगस्त को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। 10 अगस्त को प्रश्नकाल के बाद अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान होगा, जबकि 11 अगस्त को प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक और अन्य सरकारी कार्य निपटाए जाएंगे। 12 अगस्त को प्रश्नकाल के साथ राजकीय विधेयक, अन्य सरकारी कार्य और गैर-सरकारी संकल्प पर चर्चा होगी।

