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झारखंड की दो बड़ी सरकारी भर्तियों में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद रामगढ़ की राधा गोविंद यूनिवर्सिटी (आरजीयू) एक बार फिर चर्चा में है। पहले झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की महिला पर्यवेक्षिका भर्ती में साइकोलॉजी और सोशियोलॉजी विषय की 33 छात्राओं के चयन से विश्वविद्यालय सुर्खियों में आया था। अब झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की माध्यमिक आचार्य भर्ती में खोरठा विषय के चयनित 17 अभ्यर्थियों में से आठ इसी विश्वविद्यालय के हैं। जानिए… गिरफ्तार 5 आरोपी और उनके कारनामे 1. उमाकांत उरांव (निवासी-लोहरदगा, वर्तमान पता-बरियातू, रांची) : सीआईडी के अनुसार उमाकांत ने 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों से सफलता हासिल की थी। बाद में वह गिरोह के लिए नए अभ्यर्थियों को जोड़ने और उनसे संपर्क कराने का काम करने लगा। 2. रक्षक सिंह (निवासी-लखनऊ, उत्तर प्रदेश) : टीडीपीएल में अकाउंटेंट है। आरोप है कि उसने पद का दुरुपयोग कर खुद भी 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा अनुचित साधनों से पास की और सिंडिकेट की गतिविधियों में सक्रिय रहा। 3. धर्मेंद्र कुमार (ऑड्रे हाउस, कोतवाली, रांची) : पूर्व मुख्य सचिव एवं जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष का कंप्यूटर ऑपरेटर रह चुका है। 4. रोशन केरकेट्टा (मूल निवासी-नगड़ी, वर्तमान पता-कोकर, रांची) : सीआईडी के मुताबिक इसने भी सिंडिकेट के साथ मिलकर 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों का इस्तेमाल किया। 5. मनोज कुमार (मूल निवासी-धुर्वा, रांची) : आरोप है कि इसने भी फर्जीवाड़े और अनुचित साधनों के जरिए 14वीं जेपीएससी परीक्षा पास की थी। सिंडिकेट के संपर्क में थे 30 अभ्यर्थी, ब्लैंक चेक, ओएमआर शीट और एडमिट कार्ड से हो रही जांच सीआईडी की जांच में अब तक सामने आया है कि सिंडिकेट के संपर्क में करीब 25 से 30 अभ्यर्थी थे, जिनसे 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा पास कराने के नाम पर लाखों रुपए की डील की गई थी। जांच एजेंसी ने इन अभ्यर्थियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। छापेमारी के दौरान संदिग्ध ओएमआर शीट, एडमिट कार्ड और अभ्यर्थियों के ब्लैंक चेक भी मिले हैं। प्रारंभिक जांच में इनका इस्तेमाल भुगतान की गारंटी और पैसों के लेन-देन के लिए किए जाने की बात सामने आई है। अब सीआईडी यह भी खंगाल रही है कि क्या इसी सिंडिकेट ने जेपीएससी के अलावा राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी धांधली की है। समय सीमा बढ़ी, 7 तक जमा करनी होगी ओएमआर की कार्बन कॉपी… समय सीमा बढ़ी, 7 तक जमा करनी होगी ओएमआर की कार्बन कॉपी… सीआईडी ने पीटी में सफल अभ्यर्थियों को ओएमआर की कार्बन कॉपी जमा करने के लिए दो दिन का अतिरिक्त समय दिया है। पहले इसकी अंतिम तिथि 5 अगस्त थी, लेकिन 2204 सफल अभ्यर्थियों में से 600 से अधिक उम्मीदवार अब तक अपनी कार्बन कॉपी जमा नहीं कर पाए हैं। अब अंतिम तिथि 7 अगस्त कर दी गई है। सीआईडी ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के भीतर ओएमआर की कार्बन कॉपी जमा नहीं करने वाले अभ्यर्थियों को संदिग्धों की सूची में शामिल कर कार्रवाई की जाएगी। माध्यमिक आचार्य भर्ती परीक्षा में 17 पास, इनमें 8 आरजी यूनिवर्सिटी के झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में हुई धांधली की जांच कर रही सीआईडी ने बुधवार को रांची और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में छापेमारी की। जांच एजेंसी ने परीक्षा संचालन करने वाली आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के अकाउंटेंट रक्षक सिंह समेत पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया। सीआईडी के अनुसार, रक्षक सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग कर 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा में खुद भी धोखाधड़ी और अनुचित साधनों से सफलता हासिल की थी। इसके साथ ही इस सिंडिकेट मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। छापेमारी में कई डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। एक दिन पहले मंगलवार को भी सीआईडी ने तीन कथित दलालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जांच में सामने आया कि ये बिचौलिये परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर और सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी के सीधे संपर्क में थे। पहले वे अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाते थे, फिर लाखों रुपए का सौदा तय होने के बाद उनकी मुख्य सरगना से सेटिंग कराते थे। माध्यमिक आचार्य भर्ती में इनका हुआ चयन आरजीयू से चयनित अभ्यर्थियों में पंचानन भारती, चंदन, विनोद दास, सावित्री कुमारी, धर्मेंद्र, गणेश कुमार और प्रकाश महतो सहित कुल आठ अभ्यर्थी शामिल हैं। इनमें से अधिकांश ने भास्कर से बातचीत में कहा कि उन्होंने खोरठा विषय में पीजी की पढ़ाई राधा गोविंद यूनिवर्सिटी से की है। लगातार सरकारी भर्ती परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के चयन से आरजीयू फिर चर्चा में है।

