![]()
जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन गुरुवार को 13वें दिन भी जारी रहा। सरकार की ओर से वार्ता के लिए पांच छात्रों के नाम मांगे गए थे। छात्रों की ओर से गुरुवार को 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के नाम एसडीओ को भेजे गए। इस पर विवाद हो गया। दिन भर छात्र वार्ता के आमंत्रण का इंतजार करते रहे, पर सरकार की ओर से बुलावा नहीं आया। रात करीब 10:45 बजे एसडीओ और एसडीएम लॉ एंड ऑर्डर छात्रों के पास पहुंचे। अधिकारियों ने साफ कर दिया कि सरकार सिर्फ छात्रों से बात करना चाहती है। लेकिन छात्र अपनी 11 सदस्यीय पुरानी सूची पर अड़े रहे, जिसमें दो पत्रकार और एक पूर्व महाधिवक्ता हैं। करीब 45 मिनट तक चली बैठक आखिरकार बेनतीजा रही और अधिकारी वापस लौट गए। शुक्रवार को एक बार फिर इस गतिरोध को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। संभव है कि कुछ शर्तों पर बात बन जाए। छात्रों के प्रतिनिधिमंडल में ये नाम: छात्रों की ओर से जो सूची भेजी गई है, उसमें रविन्द्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रविन्द्र कुमार रवि, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, संदीप कुमार, शालू सिंह, पत्रकार प्रतिनिधि के रूप में प्रेस क्लब के अध्यक्ष शंभूनाथ चौधरी, विकास वर्मा और पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार शामिल हैं। रात 11:30 बजे…45 मिनट तक मनाते रहे अफसर, नहीं बनी बात रात 10:45 बजे: जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के आंदोलनरत छात्रों के बीच सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय कुमार पहुंचे। सबसे पहले भूख हड़ताल कर रहे छात्रों का हाल-चाल पूछा और छात्रों का हौसला बढ़ाया। इसके बाद बातचीत शुरू की। एसडीओ: आप लोगों ने सरकार से वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल की जो सूची भेजी है, वह अधूरी है। छात्र: हम लोगों ने कुल 11 प्रतिनिधियों के नाम भेजे हैं। इसमें 8 छात्र, 2 पत्रकार व एक कानून के विशेषज्ञ हैं। हमारी सूची फाइनल है। एसडीओ: मेरे पास एक छात्र का फोन आया था कि जो सूची तैयार की गई है, वह अधूरी है। छात्र: किसका फोन आया था? हम लोगों ने हर पहलू पर विचार करके 11 लोगों की सूची तैयार की है। मांग पत्र तैयार… छात्रों की ये हैं प्रमुख मांगें पीटी-मेन्स का कट ऑफ जारी हो। अंतिम रिजल्ट में ऑरिजनल व नॉर्मलाइज्ड मार्क्स का स्कोर कार्ड दिया जाए। पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक हो। पीटी की ओएमआर, मेन्स की कॉपियां ऑनलाइन उपलब्ध हो।
{जेपीएससी और जेएसएससी में राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों या उनके रिश्तेदारों को अध्यक्ष-सदस्य न बनाएं। पेपर लीक, परीक्षा घोटालों और अनियमितताओं के मामलों की त्वरित एवं पारदर्शी जांच हो। फास्ट ट्रैक कोर्ट से 90 दिन में मामलों का निपटारा किया जाए। उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में मृत अभ्यर्थियों के परिजनों को एक करोड़ की सहायता दी जाए। जेपीएससी और जेएसएससी में अभ्यर्थियों के लिए तत्काल हेल्प डेस्क बनाया जाए। सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक की जाए। जेएसएससी की सभी भर्तियों का परीक्षा कैलेंडर जारी हो। राहुल गांधी ने आंदोलनरत छात्रों से की बात, दिया समर्थन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रात 8:45 बजे अनशन पर बैठे छात्र नेता रविंद्र पासवान से फोन पर बात की। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। इससे पहले उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से छात्रों का सपोर्ट करने की अपील की है। उन्होंने कहा-देश में जो स्टूडेंट प्रोटेस्ट हो रहे हैं, वह एजुकेशन सिस्टम के खिलाफ हो रहे हैं। हमारा एजुकेशन सिस्टम कोलेप्स हो गया है। हर सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए और एजुकेशन सिस्टम को बदलना चाहिए। चाहे वह कांग्रेस की सरकार हो या झारखंड सरकार हो। इनका भी साथ आदिवासी जन परिषद के अध्यक्ष प्रेम शाही मुंडा पहुंचे और आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की।
रांची बार एसोसिएशन के सचिव संजय कुमार विद्रोही अन्य वकीलों के साथ स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी वकील उनके साथ हैं।

