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शिवहर में लंबित नीलाम पत्र वादों (सर्टिफिकेट केस) के निष्पादन और सरकारी व बैंकों की बकाया राशि की वसूली को लेकर सोमवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डीएम ने लंबित मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर नीलाम पत्र वादों का निष्पादन करने का स्पष्ट निर्देश दिया। पुराने और बड़ी राशि वाले मामलों में कार्रवाई करें विशेष रूप से पुराने और बड़ी राशि वाले मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को सप्ताह में कम से कम तीन से चार दिन अनिवार्य रूप से कोर्ट करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि बकायेदारों को नियमित रूप से नोटिस जारी किए जाएं। प्रथम, द्वितीय और तृतीय नोटिस के बाद भी बकाया राशि का भुगतान न होने पर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बड़े बकायेदारों के मामलों में कुर्की, वारंट सहित अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नोटिस और वारंट की तामील को गंभीरता से लें बैठक में नोटिस और वारंट की तामील को भी गंभीरता से लिया गया। डीएम ने निर्देश दिया कि जारी किए गए नोटिस और वारंट की ससमय और सही तरीके से तामील सुनिश्चित की जाए। इस प्रक्रिया की विशेष निगरानी के लिए एसडीपीओ मुख्यालय को निर्देशित किया गया है। जिलाधिकारी ने बैंक और विभिन्न सरकारी कार्यालयों से प्राप्त अधियाचना (रिक्विजिशन) को निर्धारित प्रपत्र में पूरी शुद्धता के साथ प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधियाचना में किसी भी प्रकार की त्रुटि के कारण कार्रवाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। बैंकों के साथ समन्वय में समस्या आने पर संबंधित अधिकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी देंगे। बैठक में जिले में लंबित सभी नीलाम पत्र वादों का एक विस्तृत डेटाबेस तैयार करने का भी निर्देश दिया गया। इस डेटाबेस में प्रत्येक मामले की थानावार स्थिति, बकाया राशि और अब तक की गई कार्रवाई का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। इस डेटाबेस के माध्यम से मामलों की नियमित समीक्षा की जाएगी, जिससे लंबित वादों के निष्पादन में तेजी लाई जा सके। जिलाधिकारी ने अंत में स्पष्ट किया कि बकाया वसूली और लंबित नीलाम पत्र वादों के निष्पादन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

