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बक्सर के चरित्रवन स्थित एक निजी विवेक अस्पताल में सोमवार रात इलाज के दौरान 20 वर्षीय महिला सुनैना देवी की मौत हो गई। मृतका राजपुर थाना क्षेत्र के बारूपुर गांव निवासी अजीत कुमार की पत्नी थीं। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्साकर्मियों पर इलाज में लापरवाही बरतने और मारपीट का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों के अनुसार, सुनैना देवी को करीब तीन दिन पहले विवेक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार दोपहर बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद अस्पताल कर्मियों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती किया। मृतका के पति अजीत कुमार ने आरोप लगाया कि आईसीयू में ले जाने के बाद सुनैना को लगातार तीन इंजेक्शन दिए गए। इसके कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई। कर्मचारियों पर मारपीट का आरोप महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल कर्मियों से इलाज और मौत का कारण पूछा। इसी दौरान विवाद बढ़ गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने मृतका के पति के साथ मारपीट की। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के लोग भी अस्पताल परिसर में जमा हो गए और काफी देर तक हंगामा चलता रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने परिजनों से शिकायत या आवेदन देने को कहा और मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। निजी अस्पतालों में प्रशिक्षित डॉक्टरों की कमी इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। धनजी सिंह ने आरोप लगाया कि जिले के कुछ निजी अस्पतालों में प्रशिक्षित चिकित्साकर्मियों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की कमी है। उन्होंने निजी अस्पतालों की जांच कराने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। वहीं, अखिलेश ठाकुर ने इलाज के नाम पर मरीजों के परिजनों से अधिक राशि वसूलने और अस्पतालों के आसपास मरीजों को निजी अस्पतालों तक पहुंचाने वाले कथित दलालों की भूमिका की जांच की भी मांग की। प्रवीण तिवारी ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और इलाज में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी तत्काल इस मामले में कोई विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है। जांच के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण महिला की मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम, चिकित्सकीय जांच, इलाज से जुड़े अभिलेख और अस्पताल में दिए गए उपचार की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोपों की पुष्टि भी जांच के बाद ही होगी। पुलिस की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
