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शेखपुरा में मंगलवार शाम जिला समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने जिला नीलाम पत्रवाद की समीक्षा बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य जिले में लंबित नीलामपत्र मामलों के त्वरित निष्पादन, सरकारी राजस्व की वसूली और कानूनी प्रक्रियाओं में तेजी लाना था। जिलाधिकारी ने जिले में लंबित मामलों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। बकाएदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का निर्देश उन्होंने सभी नीलामपत्र अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने-अपने स्तर से सप्ताह में न्यूनतम 2 दिन अदालत अनिवार्य रूप से संचालित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि मामलों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में कई मुख्य निर्देश जारी किए गए। सभी नीलामपत्र पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को बॉडी वारंट एवं डिस्ट्रेस वारंट की कार्यवाही में तेजी लाने और बकाएदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का निर्देश दिया गया। उपस्थित सभी थानाध्यक्षों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में लंबित बॉडी वारंट की तामिला की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें। मौके पर मौजूद रहे कई अधिकारी राजस्व वसूली में तेजी लाने के लिए विभिन्न विभागों से जुड़े बकाए की वसूली हेतु संबंधित अधिकारियों को अंतर-विभागीय समन्वय बनाकर काम करने की सलाह दी गई। इस बैठक में प्रशासनिक एवं पुलिस महकमे के कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता मृत्युंजय कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (मुख्यालय), वरीय उपसमाहर्ता सह जिला गोपनीय प्रभारी पदाधिकारी और जिले के अन्य सभी नीलामपत्र पदाधिकारी शामिल थे। जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने कहा कि नीलामपत्रवाद से जुड़े मामलों में शीघ्र न्याय व निष्पादन से न केवल आम जनता की समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि सरकार के राजस्व संग्रहण में भी गति आती है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।
